फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   graph of deaths in PGI first time fall

पीजीआई में होने वाली मौतों के ग्राफ में पहली बार गिरावट

Tue, 08 Mar 2016 09:00 AM IST
आाशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आाशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 08 Mar 2016 09:00 AM IST
विज्ञापन
graph of deaths in PGI first time fall
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : file photo

मरीजों के बढ़ते बोझ के बीच पीजीआई की एनुअल रिपोर्ट ने संस्थान को एक  उत्साहित करने वाली तस्वीर पेश की है। 2015 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार पीजीआई के अंदर होने वाली मौतों के ग्राफ में गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी 2015 से लेकर दिसंबर 2015 तक ग्रॉस डेथ रेट 5.8 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


पिछले साल यानी 2014 का ग्रॉस डेथ रेट 6.1 प्रतिशत दर्ज किया गया था, जबकि 2013 में पीजीआई में होने वाली कुल मौतों का प्रतिशत 6.2 था। यदि 2012-13 की बात करें तो उस वक्त यह 6.7 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


 यह पीजीआई और यहां पर आने वाले सात प्रदेशों के मरीजों के लिए काफी राहत भरी खबर है। यह रिपोर्ट बताती है कि पीजीआई की तस्वीर अब बदल रही है। मरीजों को क्वालिटी इलाज देने पर फोकस दिया जा रहा है। पिछले साल की रिपोर्ट की खास बात यह है कि लगभग सभी यूनिटों में दाखिल मरीजों की जान बचाने के लिए पीजीआई के डॉक्टरों ने जी-जान लगा दी। फिर चाहे मरीज पीजीआई के इमरजेंसी में दाखिल हुआ हो या फिर एडवांस पीडियाट्रिक्स सेंटर में।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले साल हर दिन चार बच्चों की मौत होती थी
पिछले साल तक पीडियाट्रिक  डिपार्टमेंट में हर एक दिन चार बच्चों की मौत होती थी। साल 2014 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक 15131 बच्चेे दाखिल हुए थे, इनमें से 1716 बच्चों ने दम तोड़ दिया था। हालांकि विशेषज्ञों ने उस दौरान दलील दी थी कि पीजीआई में जब बच्चा आता था तो उस दौरान उसकी बुरी स्थिति होती थी। क्योंकि मरीज चंडीगढ़ का नहीं बल्कि पंजाब-हरियाणा या हिमाचल का होता था। पीजीआई तक पहुंचने में ही काफी समय बर्बाद हो जाता था।

इसलिए दर्ज की गई गिरावट
1. सभी यूनिटों में इंफेक्शन को कंट्रोल करना।
2. मरीजों को तय समय के भीतर हास्पिटल से डिस्चार्ज करना।
3. कायाकल्प योजना के तहत साफ-सफाई पर फोकस।
4. इलाज की लगातार तकनीक अपडेट करना।

बच्चों की मौत का भी ग्राफ गिरा
साल--------एडमिशन-----मौत-----औसत

2012-13-----15243----1678-----35.4
2014---------15131----1716----34.8
2015---------15728---1267-----26.7

कुल मौतों का ग्राफ ऐसे गिरा
साल------डेथ  रेट
2015------5.8
2014------6.1
2013------6.2
2012------6.7

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed