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अनाज का सही भाव न मिलने पर हाईकोर्ट जाएगी भाकियू
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 23 Aug 2014 12:25 PM IST
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कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन की मासिक बैठक जाट धर्मशाला में प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में किसानों की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे यूनियन हाईकोर्ट में केस डालेगी। इस दौरान केसों को लेकर कमेटियां भी गठित की गई।
चढ़ूनी ने बताया कि यूनियन जल्द ही स्वामीनाथन आयोग को लेकर एक बड़ा आंदोलन करेगी। गुरनाम के अनुसार सरकार द्वारा लगभग 26 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है, जबकि मंडियों में मात्र 2-3 फसलें ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाती हैं और शेष फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम मूल्य पर बिकती हैं।
इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य का भी कोई औचित्य नहीं रह जाता, जिसे लेकर यूनियन जल्द ही हाईकोर्ट में केस डालेगी।
इसे लेकर केस की पैरवी करने वाली कमेटियां गठित की गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कमेटी में गुरनाम सिंह, राकेश कुमार बैंस, कर्म सिंह मथाना, संजीव गुंदियाना, सुभाष भागल, गुरदयाल सिंह मलिक, जोगिंद्र सिंह लंडा, कुलवंत सिंह नगला को शामिल किया गया है।
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जबकि गन्ने की कमेटी में गुरनाम सिंह, सत्यवान नरवाल गोहाना, बजिंदर राणा करनाल, रामपाल चहल इंद्री, संदीप टोपरा जगाधरी, सुरेंद्र सिंह अंबाला शामिल हैं।
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि यूनियन स्वामीनाथन रिपोर्ट को लेकर जल्द ही सभी किसान संगठनों को साथ लेकर एक देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यूनियन की जो नई कमेटियां नई बनी हैं, वे अपना काम शुरू करेंगी। और जहां अभी कमेटियां नहीं बनी हैं, वहां पुरानी कमेटियां ही काम करेंगी।
इस अवसर पर यूनियन के संयोजक बाबूराम गुंदियाना, महासचिव भूरा राम पबनावा, प्रेस सचिव राकेश कुमार, गोहाना से सत्यवान नरवाल, अंबाला से रमेश राणा, कुरुक्षेत्र से कृष्ण कुमार कलाल माजरा, कैथल सुभाष भागल, कर्मसिंह मथाना, हरपाल सिंह, संदीप टोपरा और पलवल से प्रेमसिंह सहित कई महिलाएं उपस्थित रही।
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बैठक में किसानों की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे यूनियन हाईकोर्ट में केस डालेगी। इस दौरान केसों को लेकर कमेटियां भी गठित की गई।
चढ़ूनी ने बताया कि यूनियन जल्द ही स्वामीनाथन आयोग को लेकर एक बड़ा आंदोलन करेगी। गुरनाम के अनुसार सरकार द्वारा लगभग 26 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है, जबकि मंडियों में मात्र 2-3 फसलें ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाती हैं और शेष फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम मूल्य पर बिकती हैं।
इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य का भी कोई औचित्य नहीं रह जाता, जिसे लेकर यूनियन जल्द ही हाईकोर्ट में केस डालेगी।
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इसे लेकर केस की पैरवी करने वाली कमेटियां गठित की गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कमेटी में गुरनाम सिंह, राकेश कुमार बैंस, कर्म सिंह मथाना, संजीव गुंदियाना, सुभाष भागल, गुरदयाल सिंह मलिक, जोगिंद्र सिंह लंडा, कुलवंत सिंह नगला को शामिल किया गया है।
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जबकि गन्ने की कमेटी में गुरनाम सिंह, सत्यवान नरवाल गोहाना, बजिंदर राणा करनाल, रामपाल चहल इंद्री, संदीप टोपरा जगाधरी, सुरेंद्र सिंह अंबाला शामिल हैं।
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि यूनियन स्वामीनाथन रिपोर्ट को लेकर जल्द ही सभी किसान संगठनों को साथ लेकर एक देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यूनियन की जो नई कमेटियां नई बनी हैं, वे अपना काम शुरू करेंगी। और जहां अभी कमेटियां नहीं बनी हैं, वहां पुरानी कमेटियां ही काम करेंगी।
इस अवसर पर यूनियन के संयोजक बाबूराम गुंदियाना, महासचिव भूरा राम पबनावा, प्रेस सचिव राकेश कुमार, गोहाना से सत्यवान नरवाल, अंबाला से रमेश राणा, कुरुक्षेत्र से कृष्ण कुमार कलाल माजरा, कैथल सुभाष भागल, कर्मसिंह मथाना, हरपाल सिंह, संदीप टोपरा और पलवल से प्रेमसिंह सहित कई महिलाएं उपस्थित रही।