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Chandigarh News: शिक्षा विभाग के दर्जा 4 कर्मचारियों ने समान वेतन के साथ स्थाई रोजगार की उठाई मांग
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चंडीगढ़। क्लास फोर इम्प्लॉईज यूनियन एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रधान अन्नु कुमार के नेतृत्व में शिक्षा विभाग के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी 16 वर्षों से लंबित मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सेक्टर-20 के जामा मस्जिद के पास ग्राउंड में हुआ। यहां कर्मचारियों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अन्नु कुमार ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को अपने परिवार के पालन में बड़ी मुश्किल आ रही है। 12 महीने कार्यों में लगे ग्रुप-डी के डीसी रेट व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को न केवल स्थायी रोजगार से वंचित किया गया है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से कठिन जीवन जीने को मजबूर कर दिया गया है। इन मांगों को लेकर कई बार अधिकारियों से बातचीत हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
ऑल कांट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ भारत के प्रधान अशोक कुमार ने कहा कि पीजीआई ने अपने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर आधारित बेसिक के साथ डीए वेतन देना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग केंद्रीय नियमों की अनदेखी करके डीसी रेट कर्मचारियों को समान वेतन नहीं दे रहा।
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चेयरमैन पाल सिंह और महासचिव जोनी कुमार ने शिक्षा विभाग से मांग उठाई कि उन्हें समान वेतन दिया जाए, ताकि उन्हें न्यूनतम जीवन स्तर की आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने मिड डे मील कर्मचारियों के लिए 4 घंटे की ड्यूटी तय कर उन्हें डीसी रेट के अनुसार आधी सैलरी देने के साथ अन्य मांगें भी उठाईं। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा।
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अन्नु कुमार ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को अपने परिवार के पालन में बड़ी मुश्किल आ रही है। 12 महीने कार्यों में लगे ग्रुप-डी के डीसी रेट व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को न केवल स्थायी रोजगार से वंचित किया गया है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से कठिन जीवन जीने को मजबूर कर दिया गया है। इन मांगों को लेकर कई बार अधिकारियों से बातचीत हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
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ऑल कांट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ भारत के प्रधान अशोक कुमार ने कहा कि पीजीआई ने अपने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर आधारित बेसिक के साथ डीए वेतन देना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग केंद्रीय नियमों की अनदेखी करके डीसी रेट कर्मचारियों को समान वेतन नहीं दे रहा।
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चेयरमैन पाल सिंह और महासचिव जोनी कुमार ने शिक्षा विभाग से मांग उठाई कि उन्हें समान वेतन दिया जाए, ताकि उन्हें न्यूनतम जीवन स्तर की आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने मिड डे मील कर्मचारियों के लिए 4 घंटे की ड्यूटी तय कर उन्हें डीसी रेट के अनुसार आधी सैलरी देने के साथ अन्य मांगें भी उठाईं। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा।