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हरियाणा: बुढ़ापा पेंशन की नई आय सीमा होगी तय, विवाह पंजीकरण के बाद ही मिलेगी शगुन योजना की राशि

Fri, 18 Mar 2022 12:45 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 18 Mar 2022 12:45 AM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें चरण में लगभग 30.06 लाख परिवारों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया है। अभी तक 1.80 लाख रुपये आय से कम सत्यापित परिवारों की संख्या 13 लाख 53 हजार है। अनुमान है कि ऐसे परिवारों की संख्या 20 लाख के आसपास होगी।

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Government Will decide new income limit for old age pension in Haryana
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : फाइल

विस्तार

बुढ़ापा पेंशन को लेकर नई आय सीमा तय की जाएगी। विवाह शगुन योजना का लाभ केवल विवाह पंजीकरण के बाद मिलेगा। सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी रोकने और अपात्रों को बाहर करने के लिए हरियाणा सरकार ने यह फैसला लिया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता में दी। 

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उन्होंने कहा कि हाल ही में पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) की जांच में सामने आया कि प्रदेश में 18 हजार विधवा महिलाएं ऐसी मिली हैं जो दोबारा शादी कर चुकी हैं लेकिन विधवा पेंशन भी ले रही हैं। गड़बड़ी पकड़े जाने पर अब वह खुद विभाग के पास आकर पेंशन कटवा रही हैं। बुढ़ापा पेंशन के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए वर्ष 2011 में आय सीमा 50 हजार रुपये थी। 
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वर्ष 2012 में यह आय सीमा बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई। इसके बाद से बुढ़ापा पेंशन की आय सीमा में बदलाव नहीं किया गया है। अभी तक दो से साढ़े तीन लाख रुपये आय वाले किसी भी लाभार्थी की पेंशन नहीं काटी गई है। केवल साढ़े तीन लाख सालाना से अधिक आय वाले 21 हजार की पेंशन रोकी है।  

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पेंशन काटने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल में मार्च तक 2.61 लाख नए लाभार्थी जुड़े हैं। इन दो सालों में 2.41 लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनकी पेंशन कटी है। लगभग 15000 मामले ऐसे हैं, जिनके आयु विवरण में कुछ गड़बड़ी पाई गई और पांच हजार लोग ऐसे हैं, जिन्होंने दो माह तक पेंशन खाते से नहीं निकलवाई, इसलिए उनकी पेंशन बंद हो गई। 

सीएम ने कहा कि पेंशन में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से 57 से 60 वर्ष आयु के व्यक्तियों का डाटा सत्यापन के लिए फील्ड में भेजा है। सत्यापन के बाद 60 वर्ष आयु होने पर इनकी पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया को भी डिजिटल किया है और इसे परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया है, ताकि परिवार के सदस्यों की जानकारी स्वत ही अपडेट होती रहे।

30 लाख लोगों का डाटा सत्यापन को भेजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें चरण में लगभग 30.06 लाख परिवारों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया है। अभी तक 1.80 लाख रुपये आय से कम सत्यापित परिवारों की संख्या 13 लाख 53 हजार है। अनुमान है कि ऐसे परिवारों की संख्या 20 लाख के आसपास होगी। सत्यापित परिवारों में से अनुसूचित जाति के परिवारों की संख्या 31 प्रतिशत और पिछड़े वर्ग से संबंधित परिवारों की संख्या 37 प्रतिशत है।

भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गलती करते हैं लेकिन गलत काम नहीं। सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए वो काम किए हैं, जो पहले किसी ने सोचे भी नहीं थे। जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक इत्यादि को रोकने के लिए वर्ष 2014 से अब तक 71 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और इन मामलों में 603 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। 

युवा मांगते हैं सरकारी नौकरी, हम दे रहे स्वरोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा रोजगार मेलों में यह बात सामने आई है कि रोजगार शुरू करने के बजाय युवा सरकारी नौकरी मांगते हैं। पहले चरण में 156 जगहों पर 292 रोजगार मेले आयोजित किए गए, जिनमें 90 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया। दोनों मेलों से आए कुल आवेदनों में से 40000 आवेदन स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित हैं, इसलिए स्वरोजगार पर ध्यान देना चाहिए।  

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