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हरियाणाः एसीआर लिखने में लापरवाही बरत रहे आला अफसरों के पर कतरे गए

Thu, 19 Jul 2018 09:39 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 19 Jul 2018 09:39 AM IST
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Government strict on the absence of writing ACR in haryana
सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों की एसीआर लिखने को लेकर हीलाहवाली कर रहे आला अफसरों के पर कतर दिए हैं। सभी उच्च अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अफसरों-कर्मियों की एसीआर हर वित्तीय वर्ष में 31 दिसंबर तक लिखनी होगी। अगर उच्च अधिकारी ऐसा करने में नाकाम रहते हैं तो इसके बाद वह अपने अधीनस्थ स्टाफ के एसीआर रिकार्ड में कोई टिप्पणी दर्ज नहीं कर पाएंगे। मनोहर लाल सरकार को यह अहम निर्णय इसलिए लेना पड़ा है, चूंकि अनेक विभागों में सैकड़ों अधिकारियों-कर्मियों की एसीआर पांच-छह साल से लंबित पड़ी हैं।
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 उनके बॉस को एसीआर लिखने का समय ही नहीं मिला। सरकार ने इस लापरवाही को बड़ी गंभीरता से लिया है। जिन अफसरों-कर्मचारियों की एसीआर उनके बॉस समय पर नहीं लिखेंगे, उच्च ग्रेड या प्रमोशन देते वक्त उनका ओवरऑल रिकार्ड देखा जाएगा। इसके अलावा सक्षम प्राधिकारी प्रमोशन या उच्च ग्रेड पाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट भी देखेंगे। यह रिपोर्ट उच्च अधिकारी के एसीआर न लिखने पर अधीनस्थ को हर साल खुद तैयार कर देनी होगी।
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अगर किसी विभाग में एसीआर के लिए सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट की जरूरत नहीं है तो नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट जमा करना होगा। नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट को कांफिडेंशियल रिपोर्ट डोजियर के साथ लगाना होगा ताकि राज्य सरकार की हिदायतों का पूरी तरह पालन हो सके। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, चेयरमैन, एमडी, मुख्य प्रशासकों, डीसी, एसडीएम, सभी यूनिवर्सिटी व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नए नियम कड़ाई से लागू करने निर्देश दिए हैं। भविष्य में निर्देशों का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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मुख्य सचिव ने गहन पड़ताल के बाद उठाया कदम
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने उच्च अधिकारियों के एसीआर न लिखने के मामलों की गहन पड़ताल के बाद यह नई व्यवस्था लागू की है। मुख्य सचिव का मानना है कि लंबे समय बाद एसीआर लिखना उसके उद्देश्य को पूरा नहीं करता। साथ ही लंबे समय तक अधीनस्थ की सालाना परफार्मेंस भी उच्च अधिकारी याद नहीं रख सकते। इसलिए अंदाजन एसीआर लिखना उचित नहीं है, चूंकि उससे अधिकारी-कर्मचारी के कामकाज का सही आकलन नहीं हो सकता।
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