हरियाणा: किसान-आढ़ती धान की खरीद कराने पर अड़े, सरकार ने कहा बंद नहीं, आज भी 25 हजार एमटी खरीदा
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार प्रदेश में पीआर धान की खरीद बंद कर किसान व आढ़तियों पर साजिश के तहत अत्याचार कर रही है। सरकार ने 15 नवंबर तक पीआर धान खरीद करने की घोषणा की थी लेकिन 4 नवंबर से ही खरीद बंद कर दी।
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हरियाणा की मंडियों में धान खरीद की स्थिति को लेकर किसान और आढ़ती खरीद कराने को लेकर अड़े हैं, साथ ही विपक्ष ने भी धान खरीद बंद किए जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। ऐसे में सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि धान की खरीद अभी बंद नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को मंडियों में 25 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। साथ ही ये भी स्पष्ट किया है कि सरकार की तरफ से धान की खरीद बंद नहीं की गई है। जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर कुछ स्थानों निर्णय लिया है।
इस बार हरियाणा सरकार ने 60 लाख एमटी धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। अब तक मंडियों से 53 लाख एमटी धान खरीदा जा चुका है। सरकार की तरफ से 15 नवंबर तक धान खरीद का समय तय किया गया है। बावजूद इसके लिए 4 नवंबर से जींद, अंबाला, फरीदाबाद, पलवल, हिसार, फतेहाबाद, झज्जर, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में पीआर धान की खरीद बंद कर दी गई। हालांकि, इसके पीछे स्थानीय जिला प्रशासन के निर्णय को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ऐसे में इन जिलों में किसान, आढ़ती और राइस मिलर्स दोबारा से खरीद प्रक्रिया शुरू कराने को लेकर लामबंद होने लगे हैं। अभी भी मंडियों में किसान धान लेकर आ रहे हैं लेकिन उनको मंडियों के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है।
पड़ोसी राज्यों से धान आने की आशंका
दरअसल, सरकार को आशंका है कि अब दूसरे प्रदेशों से धान लाया जा रहा है। इसको रोकने के लिए दूसरे प्रदेशों के साथ सीमा लगने वाले जिलों में स्थानीय स्तर पर खरीद बंद कर दी है। यूपी से लगते जीटी बेल्ट और पंजाब के साथ लगते जिलों में खरीद नहीं की जा रही है, जबकि यहां पर किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। अहम बात ये भी है कि इन किसानों का नाम मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर भी दर्ज है।
सरकार की तरफ से खरीद बंद नहीं की गई है। हमारी तरफ से खरीद चालू है। गुरुवार को प्रदेश में 25 हजार मीट्रिक टन की खरीद की गई है। कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर फैसले लिए गए होंगे। -अनुराग रस्तोगी, एसीएस, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।
चार नवंबर से 10 जिलों में धान की खरीद बंद कर दी गई है। इससे किसानों समेत आढ़ती भी परेशान हैं। मंडियों के अंदर और बाहर किसान ट्रैक्टरों ट्रालियों में धान लिए खड़े हैं। अगर खरीद चालू है तो फिर किसानों को अंदर क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है और क्यों नहीं खरीद की जा रही है। -रजनीश चौधरी, आढ़ती एसोसिएशन, राज्य प्रधान।