पंजाब में 5 हजार एकड़ में औद्योगिक पार्क, टाउनशिप बनाने की तैयारी, मोहाली में बनेगा आईटी पार्क
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पंजाब सरकार ने अति आधुनिक औद्योगिक पार्कों, औद्योगिक मॉडल टाऊनों और संगठित टाउनशिप तैयार करने के प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए मेसर्स क्वार्क सिटी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह प्रोजेक्ट राज्यभर में 5000 एकड़ क्षेत्रफल पर फैला हुआ है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कई कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति में मंगलवार को सूचना तकनीकी विभाग ने इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।
कैप्टन ने प्रोजेक्ट के विस्तार का चयन करने के लिए क्वार्क सिटी के चेयरमैन फ्रैड इब्राहिम को बधाई दी। यह प्रोजेक्ट राज्यभर में औद्योगिक और आर्थिक सरगर्मियों के लिए मील का पत्थर साबित होने के अलावा नौजवानों के लिए रोजगार के मौके भी पैदा करेगा। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, क्वार्क सिटी प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के काम को बहुत बढ़िया तरीके से डिज़ाइन किया गया है। औद्योगिक, रिहायशी और व्यापारिक उद्देश्यों के लिए निर्मित क्षेत्र के अलावा सार्वजनिक प्रयोग, सुविधाओं और साझे बुनियादी ढांचों के लिए इस क्षेत्र को बांटा गया है।
कुल क्षेत्र का 10 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा सुविधाओं के बुनियादी ढांचे के लिए होगा जबकि कवर्ड एरिया का 30 प्रतिशत हिस्सा उद्योग के लिए आरक्षित होगा। अन्य 25 प्रतिशत हिस्सा होटलों, संगठित मल्टीप्लेक्सों और मॉल्ज और कन्वेंशन सेंटरों के लिए होगा। इस सहमति पत्र के अनुसार राजपुरा, खरड़ और फतेहगढ़ साहिब में औद्योगिक पार्क बनाने के लिए बुनियादी ढांचों के विकास, ज़मीन की प्राप्ति को कार्य क्षेत्र में शामिल किया गया है और इसको समयबद्ध भी किया गया है।
मोहाली में 51 एकड़ में बनना है आईटी पार्क
गौरतलब है कि नई सरकार के गठन के बाद जुलाई 2017 में भी पंजाब सरकार के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए थे। क्वार्क सिटी ने मोहाली में 51 एकड़ क्षेत्रफल पर आईटी पार्क विकसित करने का कार्य हाथों में लिया था। इस पर पहले ही 400 करोड़ रुपये का निवेश क्वार्क सिटी की तरफ से कर दिया गया है।
निवेशकों की मुश्किलें हल करेगा ‘बिजनेस फर्स्ट पोर्टल’
पंजाब में कारोबार को और आसान बनाने की तरफ कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार के ‘बिजनेस फर्स्ट पोर्टल’ की शुरुआत की। इससे औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पोर्टल सिंगल विंडो प्रणाली के तौर पर निवेशकों को पेश आने वाली औद्योगिक मुश्किलों के हल, फीडबैक और सुझावों के लिए स्वतंत्र विधि मुहैया करवाएगा।
उन्होंने बताया कि अव्वल दर्जे की यह ऑनलाइन सुविधा औद्योगिक और विकास नीति -2017 के अंतर्गत निवेशकों को समयबद्ध ढंग से वित्तीय रियायतें मुहैया करवाने में सहायक होगी। कैप्टन ने बताया कि उनकी सरकार की तरफ से उठाए गए विभिन्न कदमों से निवेशकों और उद्यमियों में निवेश के प्रति उत्साह बढ़ा है, जिसकी पुख्ता मिसाल मार्च, 2017 में नई सरकार बनने से लेकर अब तक 19 माह में तकरीबन 10,000 करोड़ रुपये के हुए निवेश से ली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि साल 2016 -17 की अपेक्षा 2017 -18 में औद्योगिक क्षेत्र में बिजली के उपभोग में 9 प्रतिशत विस्तार हुआ है, जो औद्योगिक क्षेत्र की उन्नति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस समय के दौरान ही मंडी गोबिंदगढ़ में पुरानी इकाइयों के पुन: चालू होने के अलावा 60 नये यूनिट भी चालू हो चुके हैं।
उद्योग एवं व्यापार विभाग और पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमेंट प्रमोशन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल राज्यभर में स्थापित होने वाले नये औद्योगिक इकाइयों के द्वारा रोजगार के मौके पैदा करने के लिए सहायक होगा। इससे सरकार के प्रमुख प्रोग्राम ‘घर घर रोजगार ’ स्कीम को और बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ उनके बहुत से कैबिनेट साथी और प्रसिद्ध उद्योगपति उपस्थित थे।