{"_id":"59cba3484f1c1b65548b4a53","slug":"government-launches-saubhagya-scheme-haryana-villages","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सौभाग्य योजना: हरियाणा के 7 लाख घरों में अंधेरा कायम, अब मिलेगा मुफ्त कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौभाग्य योजना: हरियाणा के 7 लाख घरों में अंधेरा कायम, अब मिलेगा मुफ्त कनेक्शन
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Sep 2017 08:44 PM IST
विज्ञापन
हरियाणा के 7 लाख घरों में अंधेरा कायम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजादी के सत्तर साल बाद भी हरियाणा के लगभग सात लाख घर उजाले की आस में हैं। इनका अंधेरा अभी तक छंट नहीं पाया है। प्रदेश के सभी 6642 गांवों का विद्युतीकरण तो हो चुका है, लेकिन हर घर में बिजली अभी सपना बनी हुई है।
2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा के कुल 34.21 लाख घरों में से 31 जुलाई 2017 तक 27.28 लाख घरों में बिजली जगमगा रही है, जबकि छह लाख 93 हजार घरों में बिजली पहुंचना बाकि है। हरियाणा में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए दसवें प्लान में चार और ग्यारहवें प्लान में 17 प्रोजेक्ट शुरू किए गए। चार प्रोजेक्ट के लिए 38.67 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें से 35.70 करोड़ रुपये जारी हो चुकी है। 17 येाजनाओं के लिए मंजूर 134.32 करोड़ रुपये में से 120 रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
दसवें प्लान की चार योजनाओं के तहत 34 हजार 555 बीपीएल घरों को जगमग किया गया, जबकि ग्यारहवें प्लान की 17 योजनाओं के तहत चिन्हित 1 लाख 85 हजार 457 बीपीएल घरों में से एक लाख 64 हजार 25 घरों में बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सत्रह में से 15 योजनाएं बंद हो चुकी है, जबकि तीन बाकि घरों में बिजली पहुंचाने के लिए चल रही हैं। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत मनोहर लाल सरकार ने 316 करोड़ रुपये के 21 और प्रोजेक्ट स्वीकृत किए हैं। 11 प्रोजेक्ट में काम शुरू हो चुका है। जिनके लिए शुरूआती स्तर पर सात करोड़ 29 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा के कुल 34.21 लाख घरों में से 31 जुलाई 2017 तक 27.28 लाख घरों में बिजली जगमगा रही है, जबकि छह लाख 93 हजार घरों में बिजली पहुंचना बाकि है। हरियाणा में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए दसवें प्लान में चार और ग्यारहवें प्लान में 17 प्रोजेक्ट शुरू किए गए। चार प्रोजेक्ट के लिए 38.67 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें से 35.70 करोड़ रुपये जारी हो चुकी है। 17 येाजनाओं के लिए मंजूर 134.32 करोड़ रुपये में से 120 रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
विज्ञापन
दसवें प्लान की चार योजनाओं के तहत 34 हजार 555 बीपीएल घरों को जगमग किया गया, जबकि ग्यारहवें प्लान की 17 योजनाओं के तहत चिन्हित 1 लाख 85 हजार 457 बीपीएल घरों में से एक लाख 64 हजार 25 घरों में बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सत्रह में से 15 योजनाएं बंद हो चुकी है, जबकि तीन बाकि घरों में बिजली पहुंचाने के लिए चल रही हैं। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत मनोहर लाल सरकार ने 316 करोड़ रुपये के 21 और प्रोजेक्ट स्वीकृत किए हैं। 11 प्रोजेक्ट में काम शुरू हो चुका है। जिनके लिए शुरूआती स्तर पर सात करोड़ 29 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
सौभाग्य योजना से मिलेंगे मुफ्त कनेक्शन : दास
सौभाग्य योजना से मिलेंगे मुफ्त कनेक्शन : दास
हरियाणा बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि बिजली कनेक्शनों से वंचित घरों में जल्दी उजाला होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने हर गांव बिजली की जगह हर घर में बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना शुरू की है। बिजली से वंचित इन घरों को अब नई योजना के जरिए मुफ्त कनेक्शन दिए जाएंगे। इसे लेकर बिजली निगमों के अधिकारियों की बैठक ली गई है।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने समय पर लागू नहीं यूपीए की योजना
हरियाणा की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यूपीए सरकार की सबसे अहम राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को लागू करने में कदम-कदम पर ढिलाई बरती गई। जब योजना लागू की गई तब भी उसमें ढेरों खामियां थी। इसलिए ही हरियाणा में हर ग्रामीण घर तक बिजली नहीं पहुंच पाई। 2015 में कैग ने भी इस योजना को लेकर सरकार की मंशा पर सरकार खड़े किए थे। हरियाणा में यह योजना अगस्त 2006 तक अधिसूचित की जानी थी, लेकिन किया इसे 58 माह देरी से गया। जिन गांवों में योजना लागू होना थी, बिजली निगमों के पास उनका लोड का अनुमान वास्तविक नहीं था। वित्तीय अनियमितताएं भी हुईं। ठेकेदारों को 15.36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
हरियाणा बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि बिजली कनेक्शनों से वंचित घरों में जल्दी उजाला होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने हर गांव बिजली की जगह हर घर में बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना शुरू की है। बिजली से वंचित इन घरों को अब नई योजना के जरिए मुफ्त कनेक्शन दिए जाएंगे। इसे लेकर बिजली निगमों के अधिकारियों की बैठक ली गई है।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने समय पर लागू नहीं यूपीए की योजना
हरियाणा की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यूपीए सरकार की सबसे अहम राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को लागू करने में कदम-कदम पर ढिलाई बरती गई। जब योजना लागू की गई तब भी उसमें ढेरों खामियां थी। इसलिए ही हरियाणा में हर ग्रामीण घर तक बिजली नहीं पहुंच पाई। 2015 में कैग ने भी इस योजना को लेकर सरकार की मंशा पर सरकार खड़े किए थे। हरियाणा में यह योजना अगस्त 2006 तक अधिसूचित की जानी थी, लेकिन किया इसे 58 माह देरी से गया। जिन गांवों में योजना लागू होना थी, बिजली निगमों के पास उनका लोड का अनुमान वास्तविक नहीं था। वित्तीय अनियमितताएं भी हुईं। ठेकेदारों को 15.36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।