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सरकारी जेबीटी संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को तगड़ा झटका, फीस में भारी इजाफा
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Sep 2018 09:37 AM IST
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- फोटो : डेमो
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हरियणा सरकार ने सरकारी जेबीटी संस्थानों से दो वर्षीय डीईआईईएड यानि जेबीटी करने वाले चार सौ छात्रों को तगड़ा झटका दिया है। एससीईआरटी गुरुग्राम ने सभी डाइट, बाइट और गेटी की फीस ढांचे को संशोधित करते हुए तत्काल प्रभाव से इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। दो वर्षीय जेबीटी कोर्स की फीस सामान्य श्रेणी के छात्र-छात्रों को अब छह हजार रुपये चुकानी होगी। इसमें 45 सौ रुपये ट्यूशन फीस, हजार रुपये फंड व पांच सौ रुपये एडमिशन फीस शामिल है। जबकि आरक्षित श्रेणी के छात्र-छात्रों को पांच हजार रुपये फीस जमा करानी होगी।
इसमें 35 सौ रुपये टयूशन फीस, हजार रुपये फंड्स व पांच सौ रुपये एडमिशन फीस है। निदेशक एससीईआरटी की ओर से सभी डाइट, बाइट व गेटी के प्रिंसिपल को यह राशि वसूलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जेबीटी के लिए अनेक छात्र मंगलवार को दाखिला ले चुके हैं, ऐसे में अब प्रिंसिपल को अलग से बढ़ी हुई राशि वसूलने के लिए प्रक्रिया शुरू करानी होगी।
चार सितंबर को दाखिला का पहले दिन होने के बाद देर शाम राशि बढ़ाने पर भी सवाल उठ रहे हैं, चूंकि फीस ढांचा संशोधित करने की बैठक 24 अप्रैल 2018 को गुरुग्राम में हो चुकी थी, जबकि फीस बढ़ोतरी के आदेश निदेशक एससीईआरटी ने चार सितंबर को देर शाम जारी किए हैं। अभी तक आरक्षित और सामान्य श्रेणी के छात्रों को कोर्स के लिए सात सौ रुपये हजार रुपये के बीच फीस जमा करानी पड़ती थी।
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ऐसे समझिए फीस बढ़ोतरी
अभी तक दाखिला फीस मात्र 5 रुपये प्रति छात्र थी, जिसे 100 गुना बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। ट्यूशन फीस जो पहले अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की शून्य थी, उसे सीधे 3500 रुपये कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के छात्रों की ट्यूशन फीस 300 रुपये थी, जो बढ़ाकर 4500 रुपये कर दी गई है। इसी प्रकार 13 फंडों की राशि जो 695 रुपये थी, उसे बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। यह भी गौर करने लायक है कि दाखिला फीस एवं ट्यूशन फीस सरकार के खाते में जमा होती है, जिसमें बेहताशा वृद्धि की गई है और फंडों की राशि संस्था में रोजमर्रा के कार्यों की होती है।
विरोध में उतरा विद्यालय अध्यापक संघ
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने एकाएक फीस में बेतहाशा वृद्घि का विरोध किया है। संघ के राज्य प्रधान सीएन भारती ने कहा कि पहले जेबीटी कोर्स की 2500 सरकारी सीट में से 2100 सीट के दाखिले बंद कर दिए गए, और अब फीस बढ़ा दी गई। यह गरीब छात्र विरोधी कदम है। जेबीटी छात्र-छात्राओं की पुरानी पद्धति पर ही 700 से लेकर 1000 रुपये तक की फीस ली जानी चाहिए।
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इसमें 35 सौ रुपये टयूशन फीस, हजार रुपये फंड्स व पांच सौ रुपये एडमिशन फीस है। निदेशक एससीईआरटी की ओर से सभी डाइट, बाइट व गेटी के प्रिंसिपल को यह राशि वसूलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जेबीटी के लिए अनेक छात्र मंगलवार को दाखिला ले चुके हैं, ऐसे में अब प्रिंसिपल को अलग से बढ़ी हुई राशि वसूलने के लिए प्रक्रिया शुरू करानी होगी।
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चार सितंबर को दाखिला का पहले दिन होने के बाद देर शाम राशि बढ़ाने पर भी सवाल उठ रहे हैं, चूंकि फीस ढांचा संशोधित करने की बैठक 24 अप्रैल 2018 को गुरुग्राम में हो चुकी थी, जबकि फीस बढ़ोतरी के आदेश निदेशक एससीईआरटी ने चार सितंबर को देर शाम जारी किए हैं। अभी तक आरक्षित और सामान्य श्रेणी के छात्रों को कोर्स के लिए सात सौ रुपये हजार रुपये के बीच फीस जमा करानी पड़ती थी।
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ऐसे समझिए फीस बढ़ोतरी
अभी तक दाखिला फीस मात्र 5 रुपये प्रति छात्र थी, जिसे 100 गुना बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। ट्यूशन फीस जो पहले अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की शून्य थी, उसे सीधे 3500 रुपये कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के छात्रों की ट्यूशन फीस 300 रुपये थी, जो बढ़ाकर 4500 रुपये कर दी गई है। इसी प्रकार 13 फंडों की राशि जो 695 रुपये थी, उसे बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। यह भी गौर करने लायक है कि दाखिला फीस एवं ट्यूशन फीस सरकार के खाते में जमा होती है, जिसमें बेहताशा वृद्धि की गई है और फंडों की राशि संस्था में रोजमर्रा के कार्यों की होती है।
विरोध में उतरा विद्यालय अध्यापक संघ
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने एकाएक फीस में बेतहाशा वृद्घि का विरोध किया है। संघ के राज्य प्रधान सीएन भारती ने कहा कि पहले जेबीटी कोर्स की 2500 सरकारी सीट में से 2100 सीट के दाखिले बंद कर दिए गए, और अब फीस बढ़ा दी गई। यह गरीब छात्र विरोधी कदम है। जेबीटी छात्र-छात्राओं की पुरानी पद्धति पर ही 700 से लेकर 1000 रुपये तक की फीस ली जानी चाहिए।