सरबत खालसा पर सरकार और प्रबंधक में ठनी, रैपिड एक्शन फोर्स तैनात
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तलवंडी साबो में आठ दिसंबर को होने वाले सरबत खालसा के लिए सरबत खालसा प्रबंधक व प्रदेश सरकार आमने-सामने हो गए है। इसकी वजह से सरकार उक्त समागम को रुकवाने की कोशिश कर रही है।
वहीं दूसरी तरफ प्रबंधक समागम करने को लेकर अडे़ हुए हैं। इसके अलावा उक्त समागम स्थल पर पंजाब पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात कर दी गई है। सरबत खालसा प्रबंधक व अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने बताया कि इस बार सरबत खालसा आठ दिसंबर को होकर रहेगा चाहे इसके लिए उन्हें कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उनके समागम को रोककर सिख पंथ विरोधी होने का सबूत दे रही है।
जिस जगह समागम किया जाना है उस जगह के मालिक पर पुलिस ने जोर डालकर जमीन देने से मना करवा दिया है। वह फिर भी उक्त जगह पर ही आयोजन करेंगे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से बठिंडा, मानसा व अन्य राज्यों से समागम स्थल की ओर जाने वाली जगह पर पुलिस ने नाकाबंदी कर दी है।
उक्त जगह तक जाने वाले हर व्यक्ति को पुलिस रोक कर गहनता से पूछताछ करने के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स की दो टुकड़ियों को समागम स्थल के आसपास व जगह पर तैनात कर दिया है ताकि आठ दिसंबर को कोई अनहोनी घटना न हो ।
नहाने गए पाठियों के कपडे़ उठा ले गई पुलिस
तलवंडी साबो में होने वाले सरबत खालसा को लेकर पुलिस ने प्रबंधकों के अलावा उस हर शख्स पर सख्ती कर दी है जो उक्त समागम के साथ जुड़ा हुआ है। समागम स्थल वाली जगह पर प्रबंधकों ने अखंड पाठ खुलवा रखा है जहां प्रबंधकों के अलावा अन्य लोग रहते हैं।
उनके लिए मंगलवार को सिख संगत लंगर लेकर आई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। जब पुलिस की इस कार्रवाई का समागम प्रबंधक गुरदीप बराड़ ने विरोध किया तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर अज्ञात स्थान पर ले गई।
गुरदीप सिंह बराड़ के पुत्र यादविंदर सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस उनके पिता को बेवजह गिरफ्तार कर परेशान किया जा रहा है। अखंड पाठ कर रहे पाठी जब समागम स्थल के नजदीक से गुजरते रजवाहे पर नहा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया लेकिन वह पुलिस को चकमा दे गए।
पुलिस उनके कपडे़ उठाकर अपने साथ ले गई । वहीं दूसरी तरफ एसपीडी बिक्रमजीत सिंह का कहना है कि पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया और जो आरोप पुलिस पर लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद हैं।