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गुड न्यूज: चंडीगढ़ में कम होंगे कलेक्टर रेट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 25 Aug 2014 10:28 PM IST
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प्रशासन ने व्यापारियों की मांग मानते हुए कलेक्टर रेट कम करने का फैसला लिया है। इस संबंध में अगले सप्ताह तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। कलेक्टर रेट में 10 से 15 फीसदी तक कमी हो सकती है।
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यूटी प्रशासन के वित्त सचिव सर्वजीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उपायुक्त को कलेक्टर रेट कम करने को कह दिया गया है। मोहाली में हाल ही में कलेक्टर रेट कम हुए हैं।
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यूटी ने पिछले साल कलेक्टर रेट 50 फीसदी तक बढ़ाए थे। इससे शहर में प्रॉपर्टी का कारोबार ठप हो गया है और राजस्व भी कम हुआ है। वर्ष 2012 में भी कलेक्टर रेट 10 फीसदी तक बढ़ाए थे।
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रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए 10 फीसदी कम
इंडस्ट्रियल एरिया और मध्य मार्ग पर बने शोरूम के कलेक्टर रेट 15 फीसदी कम किए जा सकते हैं। अभी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक और दो में कलेक्टर रेट 82368 रुपये प्रति वर्ग गज और मध्य मार्ग पर स्थित एससीओ के 514800 प्रति वर्ग गज हैं। चंडीगढ़ में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का कलेक्टर रेट 82368 रुपये प्रति वर्ग गज है। इसे भी 10 फीसदी कम किया जा सकता है।
यूटी में कलेक्टर रेट को लेकर बुधवार को चंडीगढ़ के उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने शहर के उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बैठक की थी जिसमें उद्योगपतियों और व्यापारियों ने इस साल कलेक्टर रेट न बढ़ाने की मांग दोहराई थी।
कन्वर्टेड प्लाट ओनर्स एसोसिएशन के चेयरमैन चंदर वर्मा के अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया में कन्वर्टेड प्लाट्स के कलेक्टर रेट मार्केट रेट से दोगुना हैं। पिछले दो सालों में कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रशासन को भी घाटा हुआ है। प्रॉपर्टी फेडरेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह पंछी ने कहा कि शहर की कामर्शियल और रिहायशी प्रॉपर्टी का कलेक्टर रेट मौजूदा प्रॉपर्टी के रेट से दोगुना है। कलेक्टर रेट में 50 फीसदी तक कमी करनी चाहिए।