चौथा दर्जा कर्मचारियों को सरकारी तोहफा
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कर्मचारियों को लुभाने के लिए हुड्डा सरकार ने एक और दांव खेला है। रविवार को मंत्रिमंडल की हुई बैठक में सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा की अवधि 60 साल से बढ़ा कर 62 वर्ष करने का निर्णय लिया है। बशर्ते कि यह कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद काम करने के इच्छुक हों और काम करने के लिए फिट हों।
कर्मचारियों के सामने यह विकल्प रखा जाएगा कि वे आगे सेवा करने के इच्छुक हैं या नहीं। सेवानिवृत्ति की आयु में कोई बदलाव नहीं होगा। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि वर्कचार्ज, दैनिक वेतन भोगी तथा तदर्थ कर्मचारियों पर भी नियमतीकरण नीति लागू होगी। इसके अतिरिक्त, यह नीति तथा ग्रुप-बी कर्मचारियों की नियमतीकरण नीति राज्य के सभी बोर्डों एवं निगमों में भी लागू होगी।
नियुक्ति देने की मौजूदा नीति में संशोधन
बैठक में सशस्त्र सेना बलों तथा अर्धसैनिक बलों के शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा सहायता आधार पर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में फीडर कॉडर के तहत नियुक्ति देने की मौजूदा नीति में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
संशोधन के तहत नीति के अनुसार सोनीपत जिले की खरखौदा तहसील के गांव पिपली के शहीद दलबीर सिंह की विधवा मीनाक्षी तथा झज्जर जिले की तहसील बेरी के गांव छौछी के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के शहीद सहायक कमांडेंट रामफल सिंह के पुत्र अश्विनी को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी।
कपड़ा तथा कपड़ा उत्पाद पर कर राहत
हरियाणा मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2003 के तहत कपड़ा तथा कपड़ा उत्पाद पर कर राहत प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत साड़ी, शाल तथा महिलाओं के बिना सिले सूट, 500 रुपये मूल्य तक की चादर तकिया के गिलाफ सहित और 50 रुपये प्रति पीस के टेक्सटाइल मेट शामिल हैं।
अब अनुसूचित आयोग में उपाध्यक्ष का पद भी
बैठक में हरियाणा राज्य अनुसूचित आयोग स्थापित करने की अधिसूचना में संशोधन करने को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन अनुसार आयोग में उपाध्यक्ष का पद सृजित किया गया है। अध्यक्ष सहित आयोग के कुल छह सदस्य होंगे। पांच सदस्यों मेें से एक सदस्य को उपाध्यक्ष पदनामित किया जाएगा।