{"_id":"87b69afbb3432e46ea4a25aacf5bcfe5","slug":"golu-massacre-sp-came-and-went-inquiries-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोलू हत्याकांड : एसपी आए, पूछताछ की और चले गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोलू हत्याकांड : एसपी आए, पूछताछ की और चले गए
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 13 Sep 2014 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाडवा में पांच वर्षीय गोलू की हत्या के मामले में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अश्वनी शेणवी ने लाडवा के विकास नगर कॉलोनी में परिजनों व कॉलोनी वासियों से पूछताछ करके चले गए।
अभी पुलिस आरोपियों का पता लगाने में नाकाम साबित हुई है। गोलू की मां बेटे की मौत को नहीं भूली। बयान देते वक्त वह फूट-फूटकर रोने लगी।
एसपी ने गोलू के पिता शत्रुध्न व मां यशोदा से भी बातचीत की। और हत्या के मामले में तथ्य जुटाने की कोशिश की। परिजनों ने एसपी को बताया कि जिन लोगों पर उन्होंने हत्या का संदेह जताया था।
उनसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। एसपी ने कॉलोनी स्थित उनके मकान व आसपास रह रहे लोगों का भी जायजा लिया। इस दौरान उपाधीक्षक नूपुर बिश्नोई, लाडवा थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह समेत पुलिस टीम भी उनके साथ रही।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर गोलू के परिजनों, आसपास रह रहे लोगों तथा शक के आधार पर कुछ अन्य लोगों के बयान भी पुलिस द्वारा दोबारा दर्ज किए गए।
बता दें कि लाडवा के विकास नगर का रहने वाला पांच वर्षीय गोलू 13 अगस्त को घर से गायब हो गया था। उसी दिन गोलू की मां यशोदा ने लाडवा थाने में इस संबंध में शिकायत भी की थी।
पुलिस ने 14 अगस्त को मामला दर्ज किया था, लेकिन 17 अगस्त को गोलू का क्षत-विक्षत शव हिनौरी मार्ग स्थित एक खाली प्लॉट से मिला था।
शव के हाथ व पैर गायब थे और साफ था कि किसी ने बेरहमी से गोलू की हत्या की है। पोस्टमार्टम के पश्चात शव मिलने पर परिजनों ने 18 अगस्त को लाडवा-यमुनानगर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया था।
पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खोलकर गोलू के शव का संस्कार किया गया था। अखिल भारतीय बिहार समाज सभा के महासचिव राकेश शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि हत्यारों का सुराग लगाने में पुलिस नाकाम हो रही है तो उन्होंने 23 अगस्त को मुख्यमंत्री, केंद्रीय बाल आयोग, पुलिस डीजीपी, आईजी व एसपी को पत्र लिखकर हत्यारों को पकड़ने की मांग की थी।
28 अगस्त को एसपी कार्यालय में कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्र का जवाब भी आ गया था। राकेश शर्मा के अनुसार इसके बाद भी जब हत्यारे पकड़े नहीं गए तो 11 सितंबर को उनकी अध्यक्षता में गोलू के परिजनों सहित बिहार सभा के प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और कार्रवाई की मांग की।
उनकी मांग पर ही शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक ने लाडवा पहुंचकर मामले की जांच की है। गोलू के परिजनों के बेटे की मौत का गम नहीं भूल पा रहे।
गोलू की मां यशोदा तो पुलिस अधीक्षक के सामने ही बिलख-बिलख कर रोने लगी। इसके अलावा आसपास रहने वाले लोगों ने भी हत्यारों को जल्द पकड़ने की मांग की।
वहीं इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अश्वनी शेणवी ने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में लगी है। चाहे हत्यारे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनको बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
अभी पुलिस आरोपियों का पता लगाने में नाकाम साबित हुई है। गोलू की मां बेटे की मौत को नहीं भूली। बयान देते वक्त वह फूट-फूटकर रोने लगी।
एसपी ने गोलू के पिता शत्रुध्न व मां यशोदा से भी बातचीत की। और हत्या के मामले में तथ्य जुटाने की कोशिश की। परिजनों ने एसपी को बताया कि जिन लोगों पर उन्होंने हत्या का संदेह जताया था।
विज्ञापन
उनसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। एसपी ने कॉलोनी स्थित उनके मकान व आसपास रह रहे लोगों का भी जायजा लिया। इस दौरान उपाधीक्षक नूपुर बिश्नोई, लाडवा थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह समेत पुलिस टीम भी उनके साथ रही।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर गोलू के परिजनों, आसपास रह रहे लोगों तथा शक के आधार पर कुछ अन्य लोगों के बयान भी पुलिस द्वारा दोबारा दर्ज किए गए।
बता दें कि लाडवा के विकास नगर का रहने वाला पांच वर्षीय गोलू 13 अगस्त को घर से गायब हो गया था। उसी दिन गोलू की मां यशोदा ने लाडवा थाने में इस संबंध में शिकायत भी की थी।
पुलिस ने 14 अगस्त को मामला दर्ज किया था, लेकिन 17 अगस्त को गोलू का क्षत-विक्षत शव हिनौरी मार्ग स्थित एक खाली प्लॉट से मिला था।
शव के हाथ व पैर गायब थे और साफ था कि किसी ने बेरहमी से गोलू की हत्या की है। पोस्टमार्टम के पश्चात शव मिलने पर परिजनों ने 18 अगस्त को लाडवा-यमुनानगर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया था।
पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खोलकर गोलू के शव का संस्कार किया गया था। अखिल भारतीय बिहार समाज सभा के महासचिव राकेश शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि हत्यारों का सुराग लगाने में पुलिस नाकाम हो रही है तो उन्होंने 23 अगस्त को मुख्यमंत्री, केंद्रीय बाल आयोग, पुलिस डीजीपी, आईजी व एसपी को पत्र लिखकर हत्यारों को पकड़ने की मांग की थी।
28 अगस्त को एसपी कार्यालय में कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्र का जवाब भी आ गया था। राकेश शर्मा के अनुसार इसके बाद भी जब हत्यारे पकड़े नहीं गए तो 11 सितंबर को उनकी अध्यक्षता में गोलू के परिजनों सहित बिहार सभा के प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और कार्रवाई की मांग की।
उनकी मांग पर ही शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक ने लाडवा पहुंचकर मामले की जांच की है। गोलू के परिजनों के बेटे की मौत का गम नहीं भूल पा रहे।
गोलू की मां यशोदा तो पुलिस अधीक्षक के सामने ही बिलख-बिलख कर रोने लगी। इसके अलावा आसपास रहने वाले लोगों ने भी हत्यारों को जल्द पकड़ने की मांग की।
वहीं इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अश्वनी शेणवी ने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में लगी है। चाहे हत्यारे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनको बख्शा नहीं जाएगा।