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बस 30 मिनट में जीवंत कर दिया आजादी का इतिहास
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 28 Dec 2013 01:11 PM IST
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एनएसएस कैंप के समापन पर शुक्रवार को सेक्टर-23 के जीएमएसएसएस के ऑडिटोरियम में राम मोहम्मद सिंह आजाद नाटक का मंचन हुआ।
शहर के कलाकार भवशील सिंह ने शहीद ऊधम सिंह के कैरेक्टर को लाइव कर दिया। तीस मिनट के नाटक में आजादी का पूरा इतिहास सजीव हो गया।
थिएटर ऑफ थिएटर की ओर से मंचित इस नाटक में इतिहास के उन पन्नों को पलटा गया जिनमें आजादी की जंग का जिक्र है।
इसमें दिखाया गया कि शहीद ऊधम सिंह ने अपना नाम बदला और राम मोहम्मद सिंह आजाद रखा। नाटक की शुरुआत में एक बुत खड़ा दिखाई दिया।
इस बुत के पास, हिंदू मुसलमान, सिख और इसाई दिखाए। बुत के पास खड़े लोगों के पास एक व्यक्ति आता है रोटियां देकर लालच देने की कोशिश करता है।
स्वतंत्रता सेनानी लाटी भान इस बात को नहीं मानते। ऐसे में शहीद ऊधम सिंह का बुत कैरेक्टर में उतरकर सामने आ जाता है।
वह सबसे कहता है कि जिन अंग्रेजों से आजादी दिलाई वही अब फिर से आपको गुलाम बनाने आ गए हैं। उस आजादी को मत गंवाएं। इसी नाटक में जलियांवाला बाग को भी दर्शाया गया और वहां हुए नरसंहार को बखूबी दिखाया।
कैरेक्टर
गुरु-प्रवेश सेठी
ऊधम सिंह-भवशील सिंह
लाटी भान-जसपाल सिंह
डायरेक्शन-प्रवेश सेठी
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शहर के कलाकार भवशील सिंह ने शहीद ऊधम सिंह के कैरेक्टर को लाइव कर दिया। तीस मिनट के नाटक में आजादी का पूरा इतिहास सजीव हो गया।
थिएटर ऑफ थिएटर की ओर से मंचित इस नाटक में इतिहास के उन पन्नों को पलटा गया जिनमें आजादी की जंग का जिक्र है।
इसमें दिखाया गया कि शहीद ऊधम सिंह ने अपना नाम बदला और राम मोहम्मद सिंह आजाद रखा। नाटक की शुरुआत में एक बुत खड़ा दिखाई दिया।
इस बुत के पास, हिंदू मुसलमान, सिख और इसाई दिखाए। बुत के पास खड़े लोगों के पास एक व्यक्ति आता है रोटियां देकर लालच देने की कोशिश करता है।
स्वतंत्रता सेनानी लाटी भान इस बात को नहीं मानते। ऐसे में शहीद ऊधम सिंह का बुत कैरेक्टर में उतरकर सामने आ जाता है।
वह सबसे कहता है कि जिन अंग्रेजों से आजादी दिलाई वही अब फिर से आपको गुलाम बनाने आ गए हैं। उस आजादी को मत गंवाएं। इसी नाटक में जलियांवाला बाग को भी दर्शाया गया और वहां हुए नरसंहार को बखूबी दिखाया।
कैरेक्टर
गुरु-प्रवेश सेठी
ऊधम सिंह-भवशील सिंह
लाटी भान-जसपाल सिंह
डायरेक्शन-प्रवेश सेठी