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चंडीगढ़ः जीएमसीएच-32 को दवा खरीदने के बोर्ड लगा बना डाला 'बाजार', डॉक्टर गुस्साए
Thu, 09 Jan 2020 04:25 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 04:25 PM IST
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डिस्पले बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ सेक्टर-32 के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में दवा की दुकान के प्रचार के लिए कोने-कोने में बेशुमार बोर्ड लगाकर इसे दवा बेचने का बाजार सा बना दिया गया है। दवा खरीदने संबंधी बोर्ड चर्चा का विषय बने हैं। हैरानी की बात यह है कि इन बोर्ड पर अस्पताल के बाहर से दवा नहीं खरीदने की बात लिखी हुई है। लेकिन इस आदेश को किसने जारी किया है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह से सूचना प्रसारित करना बिलकुल गलत है। पीजीआई या जीएमएसएच-16 में लगाए गए सभी डिस्प्ले बोर्ड पर लिखा होता है कि इसे एमएस, डायरेक्टर या डायरेक्टर हेल्थ की ओर से जारी किया गया है। इस पूरे मामले में दवा दुकानदारों की मिलीभगत हो सकती है। क्योंकि अस्पताल में इन दिनों दवा की दुकान को लेकर काफी विवाद चल रहा है।
कुछ दिनों पहले सरकारी दवा की दुकान अमृत फार्मेसी पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने उसे तीन दिन के लिए सील तक कर दिया था। वहीं, इमरजेंसी के नजदीक बनाई गई दवा की दुकान महीनों से बंद पड़ी है, जबकि मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी के साथ ही दवा की दुकान खुली होना जरूरी होता है। यहां पर सरकारी दवा की दुकान अमृत औषधि के भी खुलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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अस्पताल परिसर में बाहर से जांच करवाने, इंप्लांट और दवा के दुकानदारों की ओर से दवा सप्लाई किए जाने की शिकायत पर एक लिखित आदेश जारी किया गया था। इसमें सभी एचओडी को इसकी सूचना नोटिस के जरिये से अपने डॉक्टरों और स्टाफ को देने की बात कही गई थी। उसी के तहत ये बोर्ड लगाए गए हैं। इसलिए इन बोर्ड पर किसी की आज्ञा लिखना जरूरी नहीं है।
-अनिल मोदगिल, प्रशासनिक प्रवक्ता, जीएमसीएच, सेक्टर-32, चंडीगढ़
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अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह से सूचना प्रसारित करना बिलकुल गलत है। पीजीआई या जीएमएसएच-16 में लगाए गए सभी डिस्प्ले बोर्ड पर लिखा होता है कि इसे एमएस, डायरेक्टर या डायरेक्टर हेल्थ की ओर से जारी किया गया है। इस पूरे मामले में दवा दुकानदारों की मिलीभगत हो सकती है। क्योंकि अस्पताल में इन दिनों दवा की दुकान को लेकर काफी विवाद चल रहा है।
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कुछ दिनों पहले सरकारी दवा की दुकान अमृत फार्मेसी पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने उसे तीन दिन के लिए सील तक कर दिया था। वहीं, इमरजेंसी के नजदीक बनाई गई दवा की दुकान महीनों से बंद पड़ी है, जबकि मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी के साथ ही दवा की दुकान खुली होना जरूरी होता है। यहां पर सरकारी दवा की दुकान अमृत औषधि के भी खुलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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अस्पताल परिसर में बाहर से जांच करवाने, इंप्लांट और दवा के दुकानदारों की ओर से दवा सप्लाई किए जाने की शिकायत पर एक लिखित आदेश जारी किया गया था। इसमें सभी एचओडी को इसकी सूचना नोटिस के जरिये से अपने डॉक्टरों और स्टाफ को देने की बात कही गई थी। उसी के तहत ये बोर्ड लगाए गए हैं। इसलिए इन बोर्ड पर किसी की आज्ञा लिखना जरूरी नहीं है।
-अनिल मोदगिल, प्रशासनिक प्रवक्ता, जीएमसीएच, सेक्टर-32, चंडीगढ़