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Hindi News ›   Chandigarh ›   Police Reforms Commission submitted his report on ideas to improve functioning and investigation of Chandigarh Police Department 

पुलिस सुधार आयोग की सलाह: चंडीगढ़ पुलिस को मिलें आधुनिक हथियार, पीड़ितों के साथ हो अच्छा बर्ताव

Sat, 28 Aug 2021 02:35 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 28 Aug 2021 02:35 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूटी प्रशासन ने एक सितंबर 2020 को तीन महीने के लिए एक सदस्यीय पुलिस सुधार आयोग का गठन किया था। हालांकि कई बार आयोग को एक्सटेंशन दी गई। आयोग का काम ये बताना है कि पुलिस कार्यप्रणाली से लेकर सभी तरह की जांच में किस तरह के सुधार की आवश्यकता है।

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Police Reforms Commission submitted his report on ideas to improve functioning and investigation of Chandigarh Police Department 
चंडीगढ़ पुलिस। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ पुलिस महकमे के कामकाज और जांच में सुधार के लिए एक साल पहले पुलिस सुधार आयोग का गठन किया गया था। शुक्रवार को आयोग के पूर्व इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजी) आईपीएस केबी सिंह ने प्रशासक को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के साथ उसे आधुनिक बनाने का भी सुझाव दिया गया है।

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रिपोर्ट में बताया गया है कि चंडीगढ़ पुलिस के हथियार पुराने हो चुके हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों को अब आधुनिक हथियारों की जरूरत है। साथ ही शहर में पांच नए थाने और एक साइबर थाना बनाने की भी आवश्यकता है ताकि आपराधिक वारदात पर लगाम लगाई जा सके। आयोग की रिपोर्ट में थानों में आने वाले पीड़ितों के साथ होने वाले बर्ताव को ठीक करने की भी बात कही गई है। 
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रिपोर्ट के मुताबिक, थाने में आने वाले पीड़ितों को यह पता नहीं होता कि शिकायत किसे देनी है और किससे बात करनी है। ऐसे में हर थाने में अलग से एक रिसेप्शन बनना चाहिए और बाकायदा एक मुलाजिम की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए ताकि पीड़ित को अपनी शिकायत दर्ज कराने में कोई दिक्कत न झेलनी पड़े।

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एक सितंबर 2020 को तीन महीने के लिए बना था आयोग

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूटी प्रशासन ने एक सितंबर 2020 को तीन महीने के लिए एक सदस्यीय पुलिस सुधार आयोग का गठन किया था। हालांकि कई बार आयोग को एक्सटेंशन दी गई। आयोग का काम ये बताना है कि पुलिस कार्यप्रणाली से लेकर सभी तरह की जांच में किस तरह के सुधार की आवश्यकता है। आयोग के पहले कमिश्नर के तौर पर रिटायर्ड इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजी) आईपीएस केबी सिंह को तैनात किया गया। उनकी तनख्वाह पुलिस विभाग को आवंटित बजट से करीब एक लाख रुपये दी गई। इसके अलावा ऑफिस, स्टॉफ आदि भी मुहैया कराया गया। आयोग के गठन के बाद केबी सिंह ने शहर के विभिन्न आरडब्ल्यूए व विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ बैठकें कीं और अपनी रिपोर्ट तैयार की।

आयोग की रिपोर्ट के दस प्रमुख बिंदु
  • पुलिस को दोस्ताना बर्ताव करना चाहिए
  • शहर में पांच नए पुलिस थानों का निर्माण
  • थानों में आने वाले पीड़ितों के लिए रिकॉर्ड रूम
  • पुलिस को आधुनिक हथियारों की जरूरत
  • थानों के बुनियादी ढांचे का विकास
  • पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध
  • शहर के प्वाइंट पर कैमरों की जरूरत
  • साइबर क्राइम का अलग से थाना बनाना
  • पुलिस विभाग में समय-समय पर भर्तियां
  • पुलिस टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क का मजबूतीकरण

मैंने अपनी रिपोर्ट पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को सौंप दी है। रिपोर्ट में कई बदलाव की बात कही गई है। इससे चंडीगढ़ पुलिस और भी मजबूत होगी। -केबी सिंह, कमिश्नर, पुलिस सुधार आयोग 

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