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चंडीगढ़: घर तोड़ने के नोटिस से आहत बच्चियों ने मोदी को लिखा पत्र...प्यारे प्रधामंत्री जी! मेरा घर तोड़ने से बचा लीजिए

Tue, 22 Feb 2022 03:00 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 22 Feb 2022 03:00 PM IST
सार

यूटी प्रशासन ने कॉलोनी नंबर-4 और संजय कॉलोनी को तोड़ने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। इससे इन दोनों कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों की नींद उड़ गई है। अपने घरों को बचाने के लिए लोग सड़कों पर आने लगे हैं।

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Girls of colony no. 4 and sanjay colony have written several cards in name of PM Narendra Modi against demolition
कॉलोनी तोड़ने के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित कॉलोनी नंबर-4 और संजय कॉलोनी को तोड़ने के लिए जारी किए गए नोटिस के खिलाफ कॉलोनी की बच्चियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम कई कार्ड्स लिखे हैं। इसमें लिखा है कि...प्यारे प्रधानमंत्री जी! मेरा घर तोड़ने से बचा लीजिए। उधर, कॉलोनी तोड़ने के खिलाफ लोग सड़कों पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक मकान न तोड़े जाएं। 

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यूटी प्रशासन ने कॉलोनी नंबर-4 और संजय कॉलोनी को तोड़ने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। इससे इन दोनों कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों की नींद उड़ गई है। अपने घरों को बचाने के लिए लोग सड़कों पर आने लगे हैं। रविवार और सोमवार को कई बच्चों ने प्रधानमंत्री के नाम कार्ड बनाए हैं। उनका कहना है कि पीएम ने वर्ष 2022 तक सभी को मकान देने का वादा किया था, लेकिन चंडीगढ़ में प्रशासन लोगों के घर तोड़ रहा है। 
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कॉलोनी संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजिंदर ने प्रशासन के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि जब तक सभी लोगों को मकान या रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही की जाती है, तब तक मकान न तोड़े जाए। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जो मकान गरीब जनता और झुग्गी झोपड़ी वालों के लिए बने थे, उनको प्रशासन ने किफायती किराया आवासीय योजना के नाम पर 3000 रुपये में किराये पर दे दिया है। इन पर झुग्गी वालों का हक था। उन्होंने कहा कि अगर हक नहीं मिलेगा तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और अपने घरों को बचाने के लिए जो करना पड़े, वो करेंगे।

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बहुत से लोगों के बायोमेट्रिक सर्वे के दस्तावेज मौजूद

वर्ष 2005-06 में यूटी प्रशासन की तरफ से कॉलोनी में एक बायोमेट्रिक सर्वे कराया गया था, उस सर्वे के आधार पर ही लोगों को मलोया में फ्लैट दिए गए हैं। कॉलोनी नंबर-4 समेत विभिन्न कालोनियों में अभी बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका बायोमेट्रिक सर्वे है, वे मकान पाने की पात्रता रखते हैं, लेकिन बहुत मामूली कमी की वजह से उन्हें मकान नहीं मिला। इनमें वह लोग भी शामिल हैं, जिनका घर सर्वे के दौरान बंद पाया गया था। इनमें कई लोग ऐसे हैं, जो पिछले 25 से 35 साल से कालोनी में ही रहते हैं। लगातार मांग की जा रही है कि प्रशासन एक बार सर्वे करा ले, मेहनत न करना पड़े इसलिए एस्टेट ऑफिस ने कभी दोबारा सर्वे नहीं किया।

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