पुलिस को नया फरमान, युवतियों के लिए फायदेमंद
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हरियाणा के डीजी का नया भले ही पुलिस को नागवार गुजरे, लेकिन ये युवतियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। रोडवेज बसों में पुलिसकर्मी अब सादी वर्दी में सफर नहीं कर सकेंगे।
रोडवेज बस में सफर कर रहा पुलिसकर्मी चाहे ड्यूटी पर हो या नहीं, उसे वर्दी ही पहननी पड़ेगी।
बसों में लगातार बढ़ रही छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए डीजीपी हरियाणा ने यह फरमान जारी किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से इस आशय का पत्र सभी आईजी और एसपी को भेजा गया है और तुरंत प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
आदेशों का कितना असर और कितनी पालना होगी, ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन ड्यूटी पर आने-जाने और यहां तक की अपनी ससुराल में जाने के लिए भी अगर रोडवेज में सफर किया तो पुलिसकर्मी को वर्दी पहननी पड़ेगी।
बता दें कि प्रदेशभर में बसों में छात्राओं और महिलाओं से छेड़छाड़ की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। चलती बस में रोहतक, सिरसा, हिसार और अब करनाल में घटी घटना ने महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से जारी हो चुके हैं आदेश
डीजीपी यशपाल सिंघल की ओर से 19 मार्च को जारी पत्र में साफ कहा गया है कि बसों में सफर करने के दौरान पुलिसकर्मी अपनी वर्दी जरूर पहनें। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से यात्रियों खासकर महिला यात्रियों में सुरक्षा का अहसास जगेगा। साथ ही शरारती तत्व भी किसी तरह की हरकत करने से कतराएंगे।
डीजीपी ने अपने आदेशों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया है। इन आदेशों में साफ कहा गया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों में आदतन हरकतें करने वाले शरारती तत्वों पर लगाम कसने के लिए पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर 30 नवंबर 2012 को जारी आदेशों और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अन्य जनहित याचिका पर 2 अप्रैल 2013 को सरकारों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में पुलिस कर्मियों की तैनाती के आदेश दिए थे।