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ये कैसी स्मार्ट पुलिस...छात्रा का पर्स स्नैचर छीनकर भाग गया, पुलिस ने दर्ज की मिसिंग की शिकायत
Thu, 28 Nov 2019 12:54 PM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 28 Nov 2019 12:54 PM IST
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बैग स्नैचिंग
- फोटो : फाइल फोटो
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जिस यूटी पुलिस की कार्यशैली की सराहना खुद गवर्नर खुले दिल से करते हों, उसकी हकीकत वैसी नहीं है। स्नैचिंग के एक मामले को अपनी स्मार्टनेस से मिसिंग में ऐसे बदल दिया कि पीड़िता ही हैरान रह गई। जब इसकी शिकायत आलाअधिकारियों से की गई तो गलती सुधारकर स्नैचिंग में केस दर्ज किया गया। बहरहाल, इस कारनामे ने यूटी पुलिस पर सवाल तो खड़ा कर ही दिया है।
घटनाक्रम कुछ यूं है। 20 नवंबर की शाम करीब 7.30 बजे बीए की छात्रा सुनंदा धीमान सेक्टर-15 स्थित मार्केट से वापस पीजी लौट रही थी। बकौल सुनंदा, मार्केट में सफेद रंग की एक्टिवा पर सवार एक युवक ने उसका पर्स झपट लिया। पर्स में 1200 रुपये, जरूरी कागजात और एसबीआई का एटीएम कार्ड था। उसने शोर मचाया तो लोगों ने स्नैचर को पकड़ने की कोशिश भी की लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद सुनंदा सेक्टर-15 स्थित पुलिस बीट बॉक्स पहुंची और स्नैचिंग की शिकायत दी।
बीट बॉक्स में मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने शिकायत की कॉपी अगले दिन ले जाने को कहा। अगले दिन जब सुनंदा ने डीडीआर की कॉपी देखी तो उसमें पर्स स्नैचिंग के बजाय मिसिंग लिखा था। उसने इस पर आपत्ति भी जताई लेकिन उसकी बात अनसुनी कर दी गई। परेशान होकर सुनंदा ने इसकी शिकायत डीजीपी की ऑफिशियल मेल पर कर दी। इसके कुछ ही समय बाद उसे सेक्टर-11 पुलिस स्टेशन में बुलाया गया और स्नैचिंग की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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घटनाक्रम कुछ यूं है। 20 नवंबर की शाम करीब 7.30 बजे बीए की छात्रा सुनंदा धीमान सेक्टर-15 स्थित मार्केट से वापस पीजी लौट रही थी। बकौल सुनंदा, मार्केट में सफेद रंग की एक्टिवा पर सवार एक युवक ने उसका पर्स झपट लिया। पर्स में 1200 रुपये, जरूरी कागजात और एसबीआई का एटीएम कार्ड था। उसने शोर मचाया तो लोगों ने स्नैचर को पकड़ने की कोशिश भी की लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद सुनंदा सेक्टर-15 स्थित पुलिस बीट बॉक्स पहुंची और स्नैचिंग की शिकायत दी।
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बीट बॉक्स में मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने शिकायत की कॉपी अगले दिन ले जाने को कहा। अगले दिन जब सुनंदा ने डीडीआर की कॉपी देखी तो उसमें पर्स स्नैचिंग के बजाय मिसिंग लिखा था। उसने इस पर आपत्ति भी जताई लेकिन उसकी बात अनसुनी कर दी गई। परेशान होकर सुनंदा ने इसकी शिकायत डीजीपी की ऑफिशियल मेल पर कर दी। इसके कुछ ही समय बाद उसे सेक्टर-11 पुलिस स्टेशन में बुलाया गया और स्नैचिंग की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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एटीएम से शॉपिंग की भी कोशिश
सुनंदा धीमान ने बताया कि वह मूलरूप से हिमाचल प्रदेश की रहने वाली है। काफी समय से वह सेक्टर-15 स्थित पीजी में रहकर सेक्टर-11 स्थित एक कालेज से बीए की पढ़ाई कर रही है। वारदात के कुछ घंटे बाद स्नैचिंग हुए एटीएम कार्ड से शॉपिंग की कोशिश भी की गई। इस संबंधी दो मैसेज उसके मोबाइल पर आए लेकिन उससे पहले ही वह एटीएम कार्ड ब्लॉक करा चुकी थी।
गवर्नर ने यूटी पुलिस को बताया था सबसे स्मार्ट..लेकिन हकीकत ऐसी
इसी महीने सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने चंडीगढ़ पुलिस सरहना करते हुए देश की सबसे अच्छी पुलिस बताया था। लेकिन पुलिसकर्मियों का इस वारदात में अपनाया गया रवैया इस छवि को धूमिल करता है।
पुलिसकर्मी ने गलत किया, केस स्नैचिंग का ही दर्ज करना चाहिए था
पुलिसकर्मी ने जो किया वह गलत है। शिकायत पर फौरन स्नैचिंग का मामला दर्ज होना चाहिए था। बाकी चेक करवा लेता हूं कि ऐसा क्यों किया गया।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी
गवर्नर ने यूटी पुलिस को बताया था सबसे स्मार्ट..लेकिन हकीकत ऐसी
इसी महीने सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने चंडीगढ़ पुलिस सरहना करते हुए देश की सबसे अच्छी पुलिस बताया था। लेकिन पुलिसकर्मियों का इस वारदात में अपनाया गया रवैया इस छवि को धूमिल करता है।
पुलिसकर्मी ने गलत किया, केस स्नैचिंग का ही दर्ज करना चाहिए था
पुलिसकर्मी ने जो किया वह गलत है। शिकायत पर फौरन स्नैचिंग का मामला दर्ज होना चाहिए था। बाकी चेक करवा लेता हूं कि ऐसा क्यों किया गया।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी