{"_id":"9940360bcc02f785e44cfb979a6eca74","slug":"funeral-of-dsp-vijay-kumar","type":"story","status":"publish","title_hn":"DSP विजय कुमार के अंतिम संस्कार में उमड़ा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
DSP विजय कुमार के अंतिम संस्कार में उमड़ा शहर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Jan 2014 06:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-25, शमशान घाट में चंडीगढ़ ईस्ट के डीएसपी ईस्ट विजय कुमार का अंतिम संस्कार किया गया और उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। इस मौके पर शहर के सभी आला पुलिस अधिकारी व काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
गौरतलब है कि बीते दिन डीएसपी विजय कुमार की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। वे रोजाना सुबह गोल्फ खेलने के लिए गोल्फ क्लब जाते थे। गोल्फ खेलने के दौरान ही उन्हें सीने में दर्द उठा। तुरंत उन्हें पीजीआई ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
डीएसपी विजय कुमार के तीन बेटे और बेटी हैं। उनके मझले बेटे की 14 फरवरी को शादी होनी थी। पूरा परिवार शादी की तैयारियों में ही लगा था। उनका एक बेटा राहुल मॉडल है। वीरवार दोपहर 12 बजे सेक्टर 25 स्थित श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
एएसआई से डीएसपी तक पहुंचे
विजय कुमार 24 जुलाई 1979 में चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई भर्ती हुए। उन्हें 04 सितम्बर 1984 को प्रमोट कर सब इंस्पेक्टर बनाया गया।
हत्या के एक संगीन मामले को सुलझाने पर 01 मई 1989 में इंस्पेक्टर बनाए गए। दिसंबर 2007 में डीएसपी नियुक्त हुए। चर्चित खुशप्रीत मर्डर केस भी उन्होंने ही सुलझाया था।
बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मान
26 जनवरी 1997- प्रशासक से पुलिस मेडल
26 जनवरी 2002- प्रशस्ति पत्र
26 जनवरी 2004- प्रशासक से पुलिस मेडल
15 अगस्त 2009- राष्ट्रपति से पुलिस मडेल
15 अगस्त 2013-प्रशासक से पुलिस मेडल
चंडीगढ़ पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ करने वाला एक तेज तर्रार अफसर खो दिया है। वह मधुरभाषी और मिलनसार थे। उन्होंने अपनी ड्यूटी हमेशा ईमानदारी और निष्ठा से निभाई।
-आरपी उपाध्याय, आईजी, चंडीगढ़ पुलिस
--
विजय कुमार को जो भी केस सौंपा गया, उसे उन्होंने सुलझा कर ही दम लिया। चंडीगढ़ पुलिस ने अपना एक बेहतरीन डीएसपी खो दिया है।
-डॉ. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी
विज्ञापन
गौरतलब है कि बीते दिन डीएसपी विजय कुमार की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। वे रोजाना सुबह गोल्फ खेलने के लिए गोल्फ क्लब जाते थे। गोल्फ खेलने के दौरान ही उन्हें सीने में दर्द उठा। तुरंत उन्हें पीजीआई ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
डीएसपी विजय कुमार के तीन बेटे और बेटी हैं। उनके मझले बेटे की 14 फरवरी को शादी होनी थी। पूरा परिवार शादी की तैयारियों में ही लगा था। उनका एक बेटा राहुल मॉडल है। वीरवार दोपहर 12 बजे सेक्टर 25 स्थित श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
एएसआई से डीएसपी तक पहुंचे
विजय कुमार 24 जुलाई 1979 में चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई भर्ती हुए। उन्हें 04 सितम्बर 1984 को प्रमोट कर सब इंस्पेक्टर बनाया गया।
हत्या के एक संगीन मामले को सुलझाने पर 01 मई 1989 में इंस्पेक्टर बनाए गए। दिसंबर 2007 में डीएसपी नियुक्त हुए। चर्चित खुशप्रीत मर्डर केस भी उन्होंने ही सुलझाया था।
बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मान
26 जनवरी 1997- प्रशासक से पुलिस मेडल
26 जनवरी 2002- प्रशस्ति पत्र
26 जनवरी 2004- प्रशासक से पुलिस मेडल
15 अगस्त 2009- राष्ट्रपति से पुलिस मडेल
15 अगस्त 2013-प्रशासक से पुलिस मेडल
चंडीगढ़ पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ करने वाला एक तेज तर्रार अफसर खो दिया है। वह मधुरभाषी और मिलनसार थे। उन्होंने अपनी ड्यूटी हमेशा ईमानदारी और निष्ठा से निभाई।
-आरपी उपाध्याय, आईजी, चंडीगढ़ पुलिस
--
विजय कुमार को जो भी केस सौंपा गया, उसे उन्होंने सुलझा कर ही दम लिया। चंडीगढ़ पुलिस ने अपना एक बेहतरीन डीएसपी खो दिया है।
-डॉ. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी