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सांसद किरण खेर की बड़ी पहल, चंडीगढ़ में अब एलपीजी से होगा शवों का अंतिम संस्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Jun 2018 03:49 PM IST
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बीजेपी सांसद किरण खेर ने चंडीगढ़ को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक नई और बड़ी पहल की है, जिसके तहत अब शहर में शवों का अंतिम संस्कार एलपीजी से होगा। एलपीजी मशीन से शवों के अंतिम संस्कार के लिए सांसद ने अपनी विकास निधि (एमपीलैड) से 85.65 लाख रुपये मंजूर किए हैं।
सांसद तीन जुलाई को इसका शिलान्यास करेंगी। सेक्टर-25 स्थित शमशान घाट में एलपीजी मशीन लगाने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। एलपीजी मशीन से अंतिम संस्कार होने से जहां लकड़ियों के जलने से होने वाले प्रदूषण से शहर को मुक्ति मिलेगी, वहीं नगर के लोगों को साफ वातावरण भी मिलेगा।
इसके लिए सांसद ने अपनी विकास निधि से 85.65 लाख रुपये मंजूर कर किए हैं। दाह संस्कार के नींव का पत्थर रखे जाने के बाद मशीन लगाने का काम शुरू होगा, जिसे सितंबर के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। देश के कई शहरों में एलपीजी गैस के माध्यम से अंतिम संस्कार पहले से हो रहा है। पटियाला में भी कुछ समय पहले इसकी शुरुआत हुई है।
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बताया जाता है कि औसतन एक शव के दाह संस्कार में चार क्विंटल लकड़ी की खपत होती है। इस हिसाब से पेड़ों की कटाई कम होगी। गैसफायर्ड क्रिमिटोरियम प्रोजेक्ट के तहत अंतिम संस्कार करने में 55 से 60 मिनट लगेगा। एक संस्कार पर एक सिलेंडर खर्च होने का अनुमान है। पारंपरिक तौर पर लकड़ी से संस्कार में करीब चार हजार तक का खर्च आता है। मशीन के शुरू होने पर 2000 रुपये तक खर्च आएगा।
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सांसद तीन जुलाई को इसका शिलान्यास करेंगी। सेक्टर-25 स्थित शमशान घाट में एलपीजी मशीन लगाने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। एलपीजी मशीन से अंतिम संस्कार होने से जहां लकड़ियों के जलने से होने वाले प्रदूषण से शहर को मुक्ति मिलेगी, वहीं नगर के लोगों को साफ वातावरण भी मिलेगा।
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इसके लिए सांसद ने अपनी विकास निधि से 85.65 लाख रुपये मंजूर कर किए हैं। दाह संस्कार के नींव का पत्थर रखे जाने के बाद मशीन लगाने का काम शुरू होगा, जिसे सितंबर के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। देश के कई शहरों में एलपीजी गैस के माध्यम से अंतिम संस्कार पहले से हो रहा है। पटियाला में भी कुछ समय पहले इसकी शुरुआत हुई है।
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बताया जाता है कि औसतन एक शव के दाह संस्कार में चार क्विंटल लकड़ी की खपत होती है। इस हिसाब से पेड़ों की कटाई कम होगी। गैसफायर्ड क्रिमिटोरियम प्रोजेक्ट के तहत अंतिम संस्कार करने में 55 से 60 मिनट लगेगा। एक संस्कार पर एक सिलेंडर खर्च होने का अनुमान है। पारंपरिक तौर पर लकड़ी से संस्कार में करीब चार हजार तक का खर्च आता है। मशीन के शुरू होने पर 2000 रुपये तक खर्च आएगा।