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अगले महीने से बच्चों को खेल-खेल में मिलेगी शिक्षा
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चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब छोटे बच्चों को खेल-खेल में कैसे पढ़ाया जाए, इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। बचपन की प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा में गुणवत्ता और उत्कृष्टता के सुधार के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों में अगले सत्र से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने किलकारी प्रोजेक्ट एनजीओ अर्पण ट्रस्ट और कच्ची सड़क फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किया है।
शिक्षा निदेशक पालिका अरोड़ा ने बताया कि किलकारी प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों को 15 नवंबर से प्रशिक्षण देने के लिए रोस्टर तैयार किया है। शहर के प्री-प्राइमरी के लगभग 100 शिक्षकों को कच्ची पेशे से इंजीनियर व फाउंडेशन के सदस्य और शिक्षा विभाग के एक्सपर्ट ट्रेनिंग देंगे। इसके साथ ही 450 आंगनबाड़ी कर्मचारियों की ओरिएंटेशन की जाएगी। इसके लिए 25-30 कर्मचारियों के ग्रुप बनाए गए हैं। अगले महीने से प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों द्वारा स्कूलों में बच्चों को व्यावहारिक रूप से खेल-खेल में शिक्षा देने के प्रोजेक्ट को लागू कर दिया जाएगा। सरकारी स्कूलों में लगभग पिछले पांच वर्ष से कच्ची सड़क फाउंडेशन के सदस्य और युवा इंजीनियर तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को कलात्मक तरीके से पढ़ाने में मदद कर रहे थे। जब धनास में प्राइमरी स्कूल शुरू किया गया तो फाउंडेशन के सदस्यों ने प्री-प्राइमरी और प्राइमरी के बच्चों के लिए खेल-खेल में पढ़ाने का प्रस्ताव रखा, इसलिए फाउंडेशन के सहयोग से नई शिक्षा नीति के आधार पर बच्चों के लिए इनडोर और आउटडोर कक्षाओं में खेल आधारित शिक्षा का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
हर स्कूल को किलकारी प्रोजेक्ट के लिए 50 हजार फंड
किलकारी प्रोजेक्ट से जुड़ी और समग्र शिक्षा अभियान की सदस्य निधि ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत ट्रेनिंग के लिए अभी लगभग 100 स्कूलों का चयन किया गया है, जहां पहले से ही खेल-खेल में शिक्षा के लिए कुछ संसाधन उपलब्ध है। वहीं स्कूलों में बच्चों को और अच्छी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए समग्र शिक्षा अभियान की ओर से हर स्कूल को 50 हजार रुपये का फंड जारी किया गया है। शिक्षकों को धनास में नए बने प्राइमरी स्कूल में पांच दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे इस सीख को अपनी कक्षाओं में अगले महीने से लागू कर सकते हैं।
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कहानी और कलाकृतियों के माध्यम से देंगे प्रारंभिक शिक्षा
बच्चों को शिक्षक कहानियों, कलाकृतियों और खेल गतिविधियों के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देंगे। किलकारी प्रोजेक्ट के तहत कक्षा में बच्चे अपने मन अनुसार बोर्ड पर कलाकृतियां बनाकर फाइन आर्ट्स की शिक्षा लेंगे। कठपुतलियों और खिलौनों को देखकर बच्चों को कहानियां बनाना सिखाया जाएगा। बच्चों के लिए कक्षा में एक छोटा मंच होगा जहां वे अपनी कहानियां साथियों को सुनाएंगे। आउटडोर शिक्षा में गणित पार्क होगा जिसमें विभिन्न आकृतियों के माध्यम से गणित का ज्ञान दिया जाएगा। इसके साथ ही किचन गार्डन में बच्चों को सब्जियों और पौधों के ज्ञान के साथ उन्हें खेती से जोड़ा जाएगा।
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शिक्षा निदेशक पालिका अरोड़ा ने बताया कि किलकारी प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों को 15 नवंबर से प्रशिक्षण देने के लिए रोस्टर तैयार किया है। शहर के प्री-प्राइमरी के लगभग 100 शिक्षकों को कच्ची पेशे से इंजीनियर व फाउंडेशन के सदस्य और शिक्षा विभाग के एक्सपर्ट ट्रेनिंग देंगे। इसके साथ ही 450 आंगनबाड़ी कर्मचारियों की ओरिएंटेशन की जाएगी। इसके लिए 25-30 कर्मचारियों के ग्रुप बनाए गए हैं। अगले महीने से प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों द्वारा स्कूलों में बच्चों को व्यावहारिक रूप से खेल-खेल में शिक्षा देने के प्रोजेक्ट को लागू कर दिया जाएगा। सरकारी स्कूलों में लगभग पिछले पांच वर्ष से कच्ची सड़क फाउंडेशन के सदस्य और युवा इंजीनियर तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को कलात्मक तरीके से पढ़ाने में मदद कर रहे थे। जब धनास में प्राइमरी स्कूल शुरू किया गया तो फाउंडेशन के सदस्यों ने प्री-प्राइमरी और प्राइमरी के बच्चों के लिए खेल-खेल में पढ़ाने का प्रस्ताव रखा, इसलिए फाउंडेशन के सहयोग से नई शिक्षा नीति के आधार पर बच्चों के लिए इनडोर और आउटडोर कक्षाओं में खेल आधारित शिक्षा का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
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हर स्कूल को किलकारी प्रोजेक्ट के लिए 50 हजार फंड
किलकारी प्रोजेक्ट से जुड़ी और समग्र शिक्षा अभियान की सदस्य निधि ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत ट्रेनिंग के लिए अभी लगभग 100 स्कूलों का चयन किया गया है, जहां पहले से ही खेल-खेल में शिक्षा के लिए कुछ संसाधन उपलब्ध है। वहीं स्कूलों में बच्चों को और अच्छी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए समग्र शिक्षा अभियान की ओर से हर स्कूल को 50 हजार रुपये का फंड जारी किया गया है। शिक्षकों को धनास में नए बने प्राइमरी स्कूल में पांच दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे इस सीख को अपनी कक्षाओं में अगले महीने से लागू कर सकते हैं।
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कहानी और कलाकृतियों के माध्यम से देंगे प्रारंभिक शिक्षा
बच्चों को शिक्षक कहानियों, कलाकृतियों और खेल गतिविधियों के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देंगे। किलकारी प्रोजेक्ट के तहत कक्षा में बच्चे अपने मन अनुसार बोर्ड पर कलाकृतियां बनाकर फाइन आर्ट्स की शिक्षा लेंगे। कठपुतलियों और खिलौनों को देखकर बच्चों को कहानियां बनाना सिखाया जाएगा। बच्चों के लिए कक्षा में एक छोटा मंच होगा जहां वे अपनी कहानियां साथियों को सुनाएंगे। आउटडोर शिक्षा में गणित पार्क होगा जिसमें विभिन्न आकृतियों के माध्यम से गणित का ज्ञान दिया जाएगा। इसके साथ ही किचन गार्डन में बच्चों को सब्जियों और पौधों के ज्ञान के साथ उन्हें खेती से जोड़ा जाएगा।