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साथी सैनिक ने बताया, कैसे शहीद हुआ सतीश?

Sun, 22 Mar 2015 07:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 22 Mar 2015 07:55 AM IST
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friend sandeep open real truth behind mertyr warrior satish

जम्मू के कठुआ इलाके में आतंकी हमले में शहीद हुए सतीश के साथी सैनिक ने शहादत की असली वजह बताई। सतीश के पार्थिव शरीर के साथ जींद के छात्तर गांव आए सतीश के साथी सिपाही संदीप कुमार ने बताया कि आतंकी फौजी बन कर आए और पुलिस स्टेशन को शिकार बनाया। संदीप के अनुसार कुछ लोग एक गाड़ी में सवार होकर पुलिस थाने आए। इन लोगों ने पुलिस कर्मियों को कहा कि उन्होंने एक तस्कर को पकड़ा है। यह कहते हुए ये लोग थाने के अंदर घुस आए और फायरिंग शुरू कर दी।

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जिस समय आतंकवादियों ने हमला किया, पुलिस थाने के ऊपर बने एक कमरे में ही सतीश व उसका दोस्त अख्तर अली ड्यूटी के लिए तैयार हो रहे थे। यहां आतंकवादियों से लोहा लेते हुए सतीश शहीद हो गया।
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घर से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की भीड़

friend sandeep open real truth behind mertyr warrior satish

सतीश के पार्थिव शरीर के साथ आए उनके साथियों ने बताया कि उन्हें इस बात का गर्व है कि सतीश जैसे निडर सैनिक के साथ रहने का मौका मिला है। सतीश के साथी सिपाही संदीप कुमार ने बताया कि वह बहुत ही अच्छे स्वभाव का व्यक्ति था। हर धर्म के व्यक्ति के साथ वह घुल मिलकर रहता था और उसी की बटालियन 121 में  अख्तर अली उसका सबसे अच्छा दोस्त था।
सतीश की शहादत से जहां गांव के लोगों का सीना गर्व से फूले नहीं समा रहा, वहीं उनके जाने का गम पूरे क्षेत्र को है। यही कारण रहा कि उसके घर से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की भीड़ लगी थी। क्षेत्र के लोग व रिश्तेदार सुबह से ही सतीश के घर जुटना शुरू हो गए थे, लेकिन सीआरपीएफ की गाड़ी दोपहर बाद करीब दो बजे उसके पार्थिव शरीर को लेकर आई।

सजल आंखों से शहीद को अंतिम विदाई
देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए मातृभूमि पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले छात्तर गांव के वीर सपूत सतीश को पूरे गांव सहित क्षेत्र के हजारों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस दौरान क्षेत्र की विधायक प्रेमलता, जुलाना के विधायक परमेंद्र सिंह ढुल, नरवाना के विधायक पिरथी नंबरदार, पूर्व विधायक भाग सिंह छात्तर भी मौजूद रहे। शनिवार दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

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