Chandigarh: महिलाओं की मुफ्त यात्रा से पीआरटीसी में खड़ा हुआ वेतन संकट, नाराज कर्मचारियों ने फूंका सीएम मान का पुतला
पंजाब सरकार की महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना ने पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के वित्तीय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है क्योंकि सरकार पीआरटीसी को मुफ्त यात्रा के भुगतान को करने में विफल रही है।
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पंजाब में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा से पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) में वेतन संकट खड़ा हो गया है। 150 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के भुगतान में देरी हो रही है। नाराज कर्मचारी इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदेशभर में कर्मचारी इसके विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री भगवंत मान का कई स्थानों पर पुतला फूंक रहे हैं।
बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के लिए 150 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान नहीं होने के कारण पीआरटीसी को अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन जारी करने में परेशानी का सामना कर रही है। पैसा नहीं होने के कारण पीआरटीसी को मई के वेतन में देरी हुई। इसके बाद कर्मचारी और पेंशनभोगी राज्य भर में पीआरटीसी बस स्टैंड और डिपो के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के सूत्रों ने बताया कि पिछले साल दिसंबर से उन्हें यह राशि नहीं दी गई है। पीआरटीसी कर्मचारी संघों के संयोजक निर्मल सिंह धालीवाल ने बताया कि राज्य में बनी नई सरकार ने समस्या को बेहतर करने के बजाय और भी खराब कर दिया है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना शुरू की थी। सबसे परेशानी की बात यह है कि पीआरटीसी की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या ज्यादा है। एक अनुमान के अनुसार पीआरटीसी की बसों में करीब 40 फीसदी महिलाएं यात्रा करती हैं।