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फ्रांस की मदद से चंडीगढ़ को मिलेगा 24 घंटे पानी, 500 करोड़ की राशि पाने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश बना
Fri, 26 Feb 2021 02:09 PM IST
निवेदिता वर्मा
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 26 Feb 2021 02:09 PM IST
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फ्रांस की मदद से चंडीगढ़ को मिलेगा 24 घंटे पानी
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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चंडीगढ़ में 24 घंटे पीने के पानी की आपूर्ति का सपना जल्द ही साकार हो जाएगा। फ्रांस दूतावास ने इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का कर्ज देने पर मंजूरी दे दी है। चंडीगढ़ ऐसा पहला केंद्र शासित प्रदेश है, जिसमें इतनी बड़ी राशि आ रही है। लोन देने की प्रक्रिया भी शीघ्र ही पूरी हो जाएगी।
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पिछले साल सितंबर में फ्रांस से एक शिष्टमंडल चंडीगढ़ आया था। इस दौरान शहर में 24 घंटे पानी आपूर्ति के पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई थी। सेक्टर 39 वाटर वर्क्स कजौली के साथ शहर के कुछ हिस्सों का शिष्टमंडल ने भ्रमण भी किया था। इसके बाद शिष्टमंडल ने अपने दूतावास पहुंचकर 406 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये के लोन पर अंतिम मुहर लगा दी।
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अधिकारियों के अनुसार, 500 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का अप्रैल तक टेंडर लगाने का लक्ष्य है। टेंडर होने के बाद संबंधित कंपनी को ही 15 साल तक इसका संचालन व देखरेख का कार्य करना होगा। अधिकारियों को विश्वास है कि इस प्रोजेक्ट से शहर में पीने के पानी की खपत घटेगी क्योंकि अभी लोग पानी स्टोर करके रखते हैं। वहीं, निगम को भी पेयजल स्टोरेज की समस्या नहीं रहेगी।
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कर्ज चुकाना होगा, अनुदान नहीं
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी चंडीगढ़ को 406 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये का कर्ज दे रही है जबकि 97 करोड़ 10 लाख 80 हजार रुपये अनुदान के रूप में दे रही है। कर्ज का पैसा तो निगम को 15 साल में चुकाना होगा लेकिन अनुदान का पैसा वापस नहीं करना है। खास बात यह है कि कर्ज पर ब्याज भी पांच वर्ष बाद शुरू होगा।
रोजगार मिलेगा, पर्यावरण को नहीं होगा नुकसान
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी दुनिया भर में इस तरह के कर्ज पर्यावरण को देखते हुए देती है। संबंधित प्रोजेक्ट के दूरगामी परिणाम क्या होंगे, इससे लोगों को क्या फायदा होगा, जलवायु व प्रकृति पर कितना प्रभाव पड़ेगा और कितनी ऊर्जा की बचत होगी इत्यादि बिंदुओं का ध्यान रखते हुए ही कर्ज दिया जाता है।
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी चंडीगढ़ को 406 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये का कर्ज दे रही है जबकि 97 करोड़ 10 लाख 80 हजार रुपये अनुदान के रूप में दे रही है। कर्ज का पैसा तो निगम को 15 साल में चुकाना होगा लेकिन अनुदान का पैसा वापस नहीं करना है। खास बात यह है कि कर्ज पर ब्याज भी पांच वर्ष बाद शुरू होगा।
रोजगार मिलेगा, पर्यावरण को नहीं होगा नुकसान
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी दुनिया भर में इस तरह के कर्ज पर्यावरण को देखते हुए देती है। संबंधित प्रोजेक्ट के दूरगामी परिणाम क्या होंगे, इससे लोगों को क्या फायदा होगा, जलवायु व प्रकृति पर कितना प्रभाव पड़ेगा और कितनी ऊर्जा की बचत होगी इत्यादि बिंदुओं का ध्यान रखते हुए ही कर्ज दिया जाता है।
रोजगार के लिए भी है बेहतर अवसर
शिष्टमंडल का कहना था कि किसी भी योजना में लोगों की सहभागिता होगी तो उसे समाज के लिए ज्यादा प्रभावी माना जाएगा। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं को भी रोजगार का बेहतर अवसर दिया जाएगा।
मार्च में फिर आएगा शिष्टमंडल
मार्च में फ्रांस से शिष्टमंडल फिर चंडीगढ़ आएगा और 24 घंटे पानी की योजना की रूपरेखा देखेगा। इसके संचालन व इससे होने वाले लाभ की योजना अब निगम को शिष्टमंडल के सामने रखनी होगी क्योंकि इस योजना से मिलने वाला कर्ज भी निगम को ही चुकाना है।
चंडीगढ़ के लिए यह गर्व की बात
24 घंटे पेयजल आपूर्ति की योजना शहर की बड़ी सुविधा है। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। इस योजना में कर्ज के साथ अनुदान भी मिल रहा है। इतने बड़े स्तर पर कोई दूसरा देश तभी निवेश करता है, जब उस योजना से पर्यावरण व समाज को लाभ हो। चंडीगढ़ को इसके लिए चुना जाना गर्व की बात है। -केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी परियोजना
शिष्टमंडल का कहना था कि किसी भी योजना में लोगों की सहभागिता होगी तो उसे समाज के लिए ज्यादा प्रभावी माना जाएगा। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं को भी रोजगार का बेहतर अवसर दिया जाएगा।
मार्च में फिर आएगा शिष्टमंडल
मार्च में फ्रांस से शिष्टमंडल फिर चंडीगढ़ आएगा और 24 घंटे पानी की योजना की रूपरेखा देखेगा। इसके संचालन व इससे होने वाले लाभ की योजना अब निगम को शिष्टमंडल के सामने रखनी होगी क्योंकि इस योजना से मिलने वाला कर्ज भी निगम को ही चुकाना है।
चंडीगढ़ के लिए यह गर्व की बात
24 घंटे पेयजल आपूर्ति की योजना शहर की बड़ी सुविधा है। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। इस योजना में कर्ज के साथ अनुदान भी मिल रहा है। इतने बड़े स्तर पर कोई दूसरा देश तभी निवेश करता है, जब उस योजना से पर्यावरण व समाज को लाभ हो। चंडीगढ़ को इसके लिए चुना जाना गर्व की बात है। -केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी परियोजना