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चौथी लहर की हो गई शुरुआत, ऑक्सीजन प्लांट को जांच रिपोर्ट का इंतजार
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चंडीगढ़। कोरोना महामारी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। चंद दिनों की शांति के बाद चौथी लहर की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसकी आशंका को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने फिर से तैयारी शुरू कर दी है। अगर पुरानी तैयारियों पर गौर करें तो ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट को लेकर जो स्थिति दूसरी लहर के बाद थी वहीं अब भी है। कहने को तो जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में दो नए प्लांट 15 नवंबर 2021 तक संचालित किए जाने थे लेकिन अब भी स्थिति 15 नवंबर के पहले वाली ही है। जीएमसीएच-32 के प्लांट को चंद दिनों पहले नमूना जांच की रिपोर्ट मिली है। वहीं जीएमएसएच-16 के प्लांट से तो अब तक जांच का नमूना भी नहीं लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को टीम के आने का इंतजार है। विशेषज्ञों का कहना है कि चौथी लहर से बचाव की तैयारियों पर किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है इसलिए ऑक्सीजन, बेड, दवा, इंजेक्शन की उपलब्धता को लेकर कोई अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
बाक्स
पांच महीने बाद भी स्थिति जस की तस
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार ने चंडीगढ़ में और दो प्लांट लगाने का निर्देश दिया था। इसे पूरा करने के लिए 15 नवंबर की डेट भी तय कर ली गई। अब चार महीने बाद काम तो पूरा हो चुका है, लेकिन नमूना जांच की प्रक्रिया अधूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार नए प्लांट में ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया से पहले नमूने की जांच अहम कड़ी है। इसे प्लांट संचालित करने के कुछ समय बाद किया जाता है। जीएमएसएच-16 में अब तक स्थित पुरानी वाली ही है। वहां प्लांट बनकर तैयार है, लेकिन नमूना लेने का समय नहीं मिल पा रहा। जानकारी के अनुसार प्लांट की गुणवत्ता जांचने के लिए इंजीनियर की टीम वीरवार को आएगी। उस दौरान प्लांट को चलाया जाएगा लेकिन नमूना जांच को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं हुई है। जीएमसीएच-32 में नमूने की जांच कुछ दिनों पहले ही पूरी की गई है, जिसमें नमूने गुणवत्ता 94.3 प्रतिशत आई है।
इनसेट
यहां के ऑक्सीजन प्लांट इतना ऑक्सीजन कर रहे उत्पन्न
पीजीआई : दो हजार एलपीएम
जीएमएसएच-16 : 500 एलपीएम
जीएमसीएच-32 : एक हजार एलपीएम
सेक्टर-48 अस्पताल : 100 एलपीएम
कोट
चंडीगढ़ में पांच ऑक्सीजन प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। उससे भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन जेनरेट किया जा रहा है। इसके अलावा जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में एक-एक प्लांट और स्थापित किए जा चुके हैं। जल्द ही उनसे भी ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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पांच महीने बाद भी स्थिति जस की तस
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार ने चंडीगढ़ में और दो प्लांट लगाने का निर्देश दिया था। इसे पूरा करने के लिए 15 नवंबर की डेट भी तय कर ली गई। अब चार महीने बाद काम तो पूरा हो चुका है, लेकिन नमूना जांच की प्रक्रिया अधूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार नए प्लांट में ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया से पहले नमूने की जांच अहम कड़ी है। इसे प्लांट संचालित करने के कुछ समय बाद किया जाता है। जीएमएसएच-16 में अब तक स्थित पुरानी वाली ही है। वहां प्लांट बनकर तैयार है, लेकिन नमूना लेने का समय नहीं मिल पा रहा। जानकारी के अनुसार प्लांट की गुणवत्ता जांचने के लिए इंजीनियर की टीम वीरवार को आएगी। उस दौरान प्लांट को चलाया जाएगा लेकिन नमूना जांच को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं हुई है। जीएमसीएच-32 में नमूने की जांच कुछ दिनों पहले ही पूरी की गई है, जिसमें नमूने गुणवत्ता 94.3 प्रतिशत आई है।
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यहां के ऑक्सीजन प्लांट इतना ऑक्सीजन कर रहे उत्पन्न
पीजीआई : दो हजार एलपीएम
जीएमएसएच-16 : 500 एलपीएम
जीएमसीएच-32 : एक हजार एलपीएम
सेक्टर-48 अस्पताल : 100 एलपीएम
कोट
चंडीगढ़ में पांच ऑक्सीजन प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। उससे भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन जेनरेट किया जा रहा है। इसके अलावा जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में एक-एक प्लांट और स्थापित किए जा चुके हैं। जल्द ही उनसे भी ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव