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Chandigarh News: मनी लांड्रिंग मामले में चार साल की सजा
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चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने मनी लांड्रिंग के मामले में पंजाब के समराला निवासी सुखजिंदर सिंह ढिल्लों को चार साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने उसे मंगलवार को दोषी करार दिया था। वहीं, उसकी मां अमरजीत कौर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। ईडी ने मामले में दोषी सुखजिंदर सिंह ढिल्लों, उसके पिता बलजिंदर सिंह ढिल्लों, मां अमरजीत कौर व भाई नवजिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ वर्ष 2010 में मनी लांड्रिंग एक्ट में केस दर्ज किया था। हालांकि, नवजिंदर सिंह ढिल्लों अदालत में पेश नहीं हुआ। इस वजह से उसे 2017 में भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
क्या था मामला...दिसंबर 2007 में चंडीगढ़ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बलजिंदर सिंह ढिल्लों, उनके बेटे सुखजिंदर सिंह ढिल्लों और एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मार्च 2011 में तीनों को सजा हुई थी। ईडी ने सात जनवरी 2010 में सुखजिंदर सिंह ढिल्लों, बलजिंदर सिंह ढिल्लों, अमरजीत कौर व भाई नवजिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट में केस दर्ज किया था। मामले की जांच के दौरान बलजिंदर सिंह ढिल्लों की मौत हो गई थी। लगभग 10 साल तक चली जांच के दौरान दस्तावेजों से पता चला कि बलजिंदर सिंह और उनके परिवार के सदस्य ड्रग तस्करी में शामिल थे और बलजिंदर सिंह ढिल्लों व सुखजिंदर सिंह ढिल्लों ने ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के जरिये कई प्रापर्टी खरीदी थी, जिसमें पूरा परिवार शामिल था।
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क्या था मामला...दिसंबर 2007 में चंडीगढ़ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बलजिंदर सिंह ढिल्लों, उनके बेटे सुखजिंदर सिंह ढिल्लों और एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मार्च 2011 में तीनों को सजा हुई थी। ईडी ने सात जनवरी 2010 में सुखजिंदर सिंह ढिल्लों, बलजिंदर सिंह ढिल्लों, अमरजीत कौर व भाई नवजिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट में केस दर्ज किया था। मामले की जांच के दौरान बलजिंदर सिंह ढिल्लों की मौत हो गई थी। लगभग 10 साल तक चली जांच के दौरान दस्तावेजों से पता चला कि बलजिंदर सिंह और उनके परिवार के सदस्य ड्रग तस्करी में शामिल थे और बलजिंदर सिंह ढिल्लों व सुखजिंदर सिंह ढिल्लों ने ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के जरिये कई प्रापर्टी खरीदी थी, जिसमें पूरा परिवार शामिल था।
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