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Hindi News ›   Chandigarh ›   Four years ago 20 people started cycling to make Chandigarh beautiful and car free

प्रेरणास्त्रोत : सिटी ब्यूटीफुल को प्रदूषण व कार मुक्त बनाने को चार साल पहले 20 लोगों संग शुरू की थी साइकिलगीरी, आज 700 का है कारवां

Wed, 22 Sep 2021 11:00 AM IST
Trainee Trainee अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Wed, 22 Sep 2021 11:00 AM IST
सार

सेक्टर-30 निवासी राखी सिंह बताती है कि उन्होंने अच्छी सेहत के लिए 12 माह पूर्व साइकिल चलाना शुरू किया था। उनकी देखादेखी सेक्टर की दूसरी महिलाएं भी उनसे जुड़ने लगीं। साइक्लिंग का इनमें इतना क्रेज है कि ये कहीं भी जाती हैं तो साइकिल साथ रहती हैं। कार का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करतीं।
 

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Four years ago 20 people started cycling to make Chandigarh beautiful and car free
राखी सिंह अपनी साइक्लिंग सहेलियों के साथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ को वायु प्रदूषण व कार मुक्त बनाने के लिए वर्ष 2017 में साइकिलगीरी समूह की शुरुआत अक्षित पस्सी और डॉ. सुनैना बंसल ने अपने 20 साथियों के साथ की थी। आज इस समूह के साथ शहर के 700 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। इस समूह का मकसद अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना और कारों को छोड़कर उन्हें साइकिल के उपयोग के लिए प्रेरित करना है, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके और लोग साफ-सुथरी हवा में सांस ले सके। साइकिल का इस्तेमाल सेहत के लिए भी बेहद लाभदायक होता है।

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साइकिल अच्छी सेहत का राज
अक्षित ने बताया कि कोरोना महामारी में बहुत से लोग कार छोड़कर साइकिल का उपयोग करने लगे हैं, क्योंकि उस दौरान जिम बंद रहे। लोगों ने साइकिल का भरपूर उपयोग किया, जिससे उन्हें अच्छी सेहत का राज पता लगा।
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40 की उम्र में साइकिल चलाकर युवाओं को प्रेरित कर रहीं ये महिलाएं
शहर के सेक्टर-30 की रहने वाली राखी सिंह ने एक साल पहले अपनी सेहत के लिए साइकिल चलाना शुरू किया था। धीरे-धीरे उनके साथ सेक्टर में दौड़ लगाने वालीं महिलाएं भी जुड़ने लगीं। कारवां बढ़ता गया और 10 महिलाओं का समूह बन गया। घर में कार होने के बावजूद ये महिलाएं हर जगह साइकिल से ही जाती हैं। राखी सिंह बताती हैं कि वे हर रोज सुबह पांच बजे साइक्लिंग के लिए जाती हैं। इसके बाद शाम के समय बाजार से सामान लाने या खरीदारी के लिए सभी महिलाएं एक साथ साइकिल से ही जाती हैं। हफ्ते में एक दिन सेक्टर-26 की मंडी से साइकिल पर ही फल और सब्जियां लेकर आती हैं।
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मां को देख बेटे ने भी ली प्रेरणा
सकेतड़ी, नाडा साहिब जैसी जगह भी इस समूह की महिलाएं साइकिल से ही जाती हैं। राखी सिंह ने बताया कि उनसे प्रेरित होकर उनका 17 वर्ष का बेटा भी साइकिल लेकर ही बाजार या अन्य कामों के लिए जाता है। राखी सिंह के ग्रुप में उनकी सहेलियां ज्योति, सविता, रितु, पुष्पा, अर्चना, भारती, राखी सिंह और वंदना शामिल हैं।

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