फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Four to five years in prison, including SI

एसआई सहित पांच को चार साल कैद

Tue, 14 Oct 2014 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/जगाधरी
अमर उजाला ब्यूरो/जगाधरी Updated Tue, 14 Oct 2014 12:19 AM IST
विज्ञापन
Four to five years in prison, including SI
महिला से मारपीट के बाद गर्भपात होने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायधीश रितु गर्ग ने दो पुलिस कर्मचारियों सहित पांच लोगों को चार साल कैद की सजा सुनाई।
विज्ञापन


साथ ही दोषियों पर 17-17 हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त कैद भोगनी होगी। करीब पांच साल तक चली सुनवाई के दौरान 19 गवाहियां हुई।
विज्ञापन


कोर्ट ने इस मामले में मुस्तफाबाद निवासी राजबीर, भूपेश उर्फ मोनू, मनीष उर्फ सोनू, पुलिस कर्मचारी सुभाष चंद तथा सब इंस्पेक्टर राजेश्वर को दोषी करार दिया था, जबकि देते हुए सजा सुनाई है। उपरोक्त लोगों को सात अक्टूबर को दोषी करा दिया था। जबकि पूर्व सरपंच मनमोहन सिंह, पुलिस कर्मचारी रामदत्त और ईश्वर सिंह को बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुस्तफाबाद निवासी शमशीदा ने मई 2004 में मुस्ताफाबाद के बाजार स्थित एक इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान से वाशिंग मशीन खरीदी थी। जिसके संचालक भूपेश उर्फ मोनू तथा मनीष उर्फ सोनू हैं। कुछ दिनों के उपरांत वाशिंग मशीन खराब हो गई। जिसके बाद वह उसे लेकर दुकान पर चली गई।

दुकान के संचालक ने मशीन को ठीक करवाकर उसे वापस दे दिय, लेकिन मशीन फिर से खराब हो गई। इसके बाद शमशीदा दोबारा मशीन को लेकर दुकान पर गई और उसे बदलने की मांग करने लगी। दुकान के संचालकों ने मशीन बदलने में टाल-मटोल की।

शमशीदा ने दुकान संचालक को कानूनी नोटिस भेज दिया। शमशीदा के मुताबिक तीन फरवरी 2007 की रात को सोनू और राजबीर उसके घर पर आए। जहां उसके पति सलीम के साथ मारपीट की। अगले दिन शमशीदा ने पुलिस अधीक्षक को मामले की शिकायत दी। उस शिकायत को छप्पर थाने में भेज दिया गया। बावजुद इसके शमशीदा को इंसाफ नहीं मिला।

13 अप्रैल 2007 की रात को दुकानदार व अन्य पुलिस के साथ मिलकर उसके पति सलीम को उठा ले गए। उसी रात को करीब ढाई बजे दुकान संचालक मनीष उर्फ  मोनू, भूपेश उर्फ सोनू, राजबीर, भूपेश, रामदत्त, ईश्वर और उस समय मौजूदा सरपंच मनमोहन सिंह तथा पुलिस कर्मचारी राजेश्वर, सुभाष चंद उसके घर में घुस आए। जिन्होंने उससे मशीन के कागजात की मांग की।

पुलिस कर्मचारी सुभाष तथा राजेश्वर ने घर का सामान बिखरा दिया। जब शमशीदा ने उन्हें ऐसा करने से मना किया, तो सुभाष ने उसके सिर पर डंडा मार दिया। जिसके चलते वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गई। आरोप लगे कि शमशीदा के बेटे सद्दाम को इस दौरान कमरे में बंद कर दिया गया था। इस घटना के बाद साढ़े तीन माह से गर्भवती शमशीदा का गर्भपात हो गया।

शमशीदा ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री निवास, डीजीपी हरियाणा को दी। उच्च अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने 12 जुलाई 2008 को केस दर्ज कर मामले की जांच की। सरकारी वकील रजनीश रायजादा ने बताया कि कोर्ट ने मुस्तफाबाद निवासी राजबीर, भूपेश उर्फ मोनू, मनीष उर्फ सोनू, पुलिस कर्मचारी सुभाष चंद तथा सब इंस्पेक्टर राजेश्वर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।


जबकि पूर्व सरपंच मनमोहन सिंह, पुलिस कर्मचारी रामदत्त और ईश्वर सिंह को सबूतों के अभाव में बरी किया गया।
हाई कोर्ट ने मुहैया करवाई थी सुरक्षा

सरकारी वकील ने बताया कि वाशिंग मशीन ठीक करवाने को लेकर शुरू हुए झगड़े की वजह से गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। इतना ही नहीं पीड़िता व उसके परिवार को गांव तक छोड़ना पड़ गया था। पीड़िता ने पुलिस सुरखा के लिए हाई कोर्ट में गुहार लगई थी। जिसके बाद कोर्ट ने उसे सुरक्षा मुहैया करवाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed