अंबाला में भीषण सड़क हादसा, कार के ऊपर चढ़ा ट्रक, फैक्ट्री इंचार्ज समेत चार की मौत
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अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर सेंट्रल जेल के पास ट्रक ने एक कार को टक्कर मार दी। जिसमें लुधियाना से देहरादून जा रहे बंसल पेंटिंग कंपनी के इंचार्ज 32 वर्षीय दीपक बंसल, 19 वर्षीय संजय, 30 वर्षीय अरविंद और 25 वर्षीय अंशुल सहित चार कर्मचारियों की मौत हो गई। हादसा देर रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ।
जानकारी अनुसार तेज रफ्तार ट्रक ने स्विफ्ट कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही कार ग्रिल से जा टकराई। इससे पहले की कार सवार कुछ समझ पाते ट्रक क्षतिग्रस्त कार के ऊपर से निकल गया जिससे कार बुरी तरह पिचक गई। पुलिस ने कार में सवार चारों शवों को कटर की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। ट्रक चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। मामले में पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मरने वालों में एक लुधियाना और तीन उत्तप्रदेश के
लुधियाना के हब्बोवाल स्थित बंसल पेटिंग फैक्ट्री में टी-शर्ट पर पेटिंग का काम किया जाता है। कंपनी मालिक सुदर्शन बंसल के अनुसार जोशी नगर लुधियाना का रहने वाला दीपक उनका भांजा था और कंपनी में बतौर इंचार्ज कंपनी में काम करता है।
25 वर्षीय अंशुल गांव जैतपुरा जिला हरदोई थाना संडीला उत्तर प्रदेश, 19 वर्षीय संजय जिला उन्नाव गांव मतुहेड़ा उत्तरप्रदेश और 30 वर्षीय अरविंद गांव महला थाना मल्लावां जिला हरदोई, उत्तरप्रदेश के रहने वाले थे जो कि गुरुवार को रात करीब 9 बजे लुधियाना से देहरादून के लिए स्विफ्ट गाड़ी से जा रहे थे। चारों कर्मचारी देहरादून में टी-शर्ट पर पेंट करने के ऑर्डर को पूरा करने के लिए निकले थे।
लुधियानाः हादसे के बाद हैबोवाल में कोहराम
सड़क हादसे की सूचना जैसे जैसे लुधियाना के हैबोवाल इलाके में पहुंची वैसे ही कोहराम मच गया। इलाके में सबको प्यार से बुलाने वाले प्रिंटिंग कारोबारी दीपक बांसल उर्फ लक्की की मौत की खबर सुनते ही सब दंग रह गए। दीपक के साथ गए कर्मचारियों की मौत की खबर ने भी सभी को स्तब्ध कर दिया।
इलाके के लोग दीपक के घर पहुंचने लगे तो पता चला कि दीपक की मां अपने बेटे की मौत से बेखबर है, इस कारण लोग घर की तरफ गए ही नहीं। घर से थोड़ी दूर लोग खड़े बातें करते रहे। दीपक के साथ उसकी स्विफ्ट कार में सवार अंशुल, अरविंद और संजय की मौत की खबर भी उनके परिजनों को शुक्रवार सुबह मिली। परिजनों ने उनसे संपर्क कर पता करने की कोशिश की तो पता चला कि सभी कार सवारों की मौत हो गई है। जिसके बाद तीनों के परिजन भी अंबाला के लिए रवाना हो गए।
दीपक के घर मां के अलावा कोई नहीं था। मां को दीपक की मौत के बारे में पता नहीं था, जिस कारण बाहर खड़े लोगों ने उनसे बात करने से मना कर दिया। इलाके के लोगों ने बताया कि दीपक के पिता तिलकराज की करीब पांच साल पहले मौत हो गई थी। उसका बड़ा भाई संदीप है, वह भी बीमार रहता है। जिस कारण वह कामकाज नहीं कर पाता। पिता की मौत के बाद घर की सारी जिम्मेदारी दीपक पर ही थी। जिसे वह बखूबी निभा रहा था।
लोगों के अनुसार दीपक स्वभाव का काफी अच्छा था। उसमें मालिकों वाला कोई रौब नहीं था। वह फैक्ट्री में काम करने वाले तीनों मुलाजिमों को अपने छोटे भाइयों की तरह ही रखता था। उसके मौसा सुदर्शन बांसल काम में पार्टनर हैं। कुछ समय पहले उसे देहरादून से टी शर्ट का कोई बड़ा आर्डर मिला था।
उसी काम के सिलसिले में वह रात को देहरादून निकल गया। जाते हुए वह अपने साथ तीनों मुलाजिमों को भी ले गया, ताकि कामकाज समझने में कुछ और फायदा होगा। मगर भगवान को कुछ और ही मंजूर था। दीपक के घर जहां अंधेरा छा गया।