फिरोजपुर में पीएम की रैली: सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद, चार आईजी, आठ एसएसपी व 10 हजार जवान रहेंगे तैनात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच जनवरी को पंजाब के फिरोजपुर में जनसभा करेंगे। रैली की तैयारियां चल रही हैं। भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई है। किसान संगठनों ने भी रैली का विरोध करने का एलान किया है।
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पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चुनावी बिगुल फूंकने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का फूलप्रूफ प्लान तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री के सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने के लिए चार आईजी, आठ एसएसपी, 12 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ खुफिया एजेंसी, एनएसजी और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों को तैनात किया गया है। पांच जनवरी को पीएम मोदी फिरोजपुर में रैली को संबोधित करने पहुंच रहे हैं।
फिरोजपुर में प्रधानमंत्री पीजीआई के सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वह पंजाब में दो और मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। 2022 के चुनाव में भाजपा पहली बार शिरोमणि अकाली दल से अलग होकर चुनाव लड़ रही है, इसलिए उन पर यहां भीड़ जुटाने का भारी दबाव होना तय है। हालांकि पार्टी नेताओं के इस दबाव को कैप्टन और ढींढसा भी काफी हल्का करेंगे।
जालंधर में भाजपा ने चुनाव कार्यालय बनाया है, वहीं से इसकी पूरी रणनीति तैयार की जाएगी। भाजपा के इस अहम कार्यक्रम में पंजाब के नेताओं पर भीड़ जुटाने का भारी दबाव तो है ही उनकी सुरक्षा को लेकर भी चुनौती बनी हुई है। हाल ही में किसान आंदोलन समाप्त हुआ है, जिसके बाद पहली बार मोदी पंजाब आ रहे हैं। आए दिन सीमा पर होने वाली घटनाओं के बीच मोदी की सुरक्षा को लेकर पंजाब पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तैयारी कर ली है।
20 साल में फिरोजपुर की चौथी यात्रा
20 साल के इतिहास में प्रधानमंत्री चौथी बार फिरोजपुर पहुंच रहे हैं। कृषि कानूनों के वापस लिए जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री की चुनावी रैली को आसमान से भी सुरक्षित किया गया है। मोदी की सुरक्षा को आसमान से अभेद्य करने के लिए चार हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। आधुनिक हथियारों से लैस ये आसमानी रक्षक अभी से आयोजन स्थल की टोह लेने में जुट गए हैं।
मौसम ने बढ़ाई चिंता
पांच जनवरी को मौसम विभाग की चेतावनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है। मौसम विभाग की ओर से इस दिन बारिश होने की संभावना जताई है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां बेहद चिंतित हैं। साथ ही कुछ किसान यूनियन के विरोध के एलान के बाद सुरक्षा एजेंसियां तनाव में हैं। हालांकि वे अपनी तैयारियों को लेकर अंतिम रूप दे चुके हैं।
10 हजार जवानों की तैनाती
रैली का विरोध करने पहुंच रहे किसानों को फिरोजपुर में प्रवेश से रोकने के लिए 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। रैली स्थल पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के माध्यम से पैनी नजर रखी जाएगी। सोमवार को रैली स्थल के बंदोबस्त का निरीक्षण करने एडीजीपी ला एंड आर्डर ने दौरा किया। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार किसान संगठनों ने पीएम की रैली का विरोध करने का एलान किया है। इसके बाद प्रदेश भर से करीब 10 हजार पुलिस कर्मियों को बुलाया गया है। मोगा और फिरोजपुर की तरफ से रैली स्थल तक जाने वाले रास्ते पर पुलिस के नाके लगा दिए गए हैं। रैली वाले दिन इस रास्ते से वाहनों के गुजरने पर पाबंदी लगा दी जाएगी। जब रैली खत्म हो जाएगी, तभी रास्ता खोला जाएगा।
किसानों की फिरोजपुर पहुंचने की तैयारियां पूरी: पंधेर
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसानों ने पांच जनवरी को फिरोजपुर में आयोजित होने जा रही पीएम की रैली का विरोध करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। पंजाब भर से किसान फिरोजपुर पहुंचेंगे। हर हालत में ये रैली नहीं होने देंगे। पंधेर ने कहा कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब की कोर कमेटी और जिला जनरल कमेटी की बैठक हुई। इसमें 18 जोन के प्रधानों ने हिस्सा लिया। इसमें पांच जनवरी को फिरोजपुर में होने वाली पीएम की रैली को रद्द करने के लिए रणनीति तैयार की गई है।
पंधेर ने कहा कि चाहे सरकार जितने भी सुरक्षाकर्मी तैनात क्यों न कर ले। पंधेर ने कहा कि उनकी चार जनवरी को सीएम चन्नी संग बैठक थी, उसे प्रधानमंत्री की रैली के चलते रद्द किया गया है। अब सात जनवरी को सीएम संग बैठक होगी। बैठक के बाद भी उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया तो किसान संगठन विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों का विरोध करेंगे।