Punjab News: पंजाब रोडवेज की चार बसें मनाली में फंसीं, एक चालक का शव मिला, कंडक्टर लापता
बस का कंडक्टर पटियाला जिले के खेड़ी वरना का रहने वाला है। उसके परिवार में पत्नी दो बेटियां और एक बेटी है, जबकि बुजुर्ग माता पिता व तीन बहने हैं। परिवार गत चार दिनों से परेशान है। परिवार का कहना है कि रविवार रात से उसका फोन नहीं लग रहा है।
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पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) की चंडीगढ़ से मनाली गई बस बाढ़ की चपेट में आ गई है। चार दिन के बाद बस के चालक सतगुर सिंह का शव बरामद हो गया, जबकि कंडक्टर जगसीर सिंह अभी तक लापता है। पीआरटीसी के अधिकारी और बस चालक के परिजन मंडी सिविल अस्पताल शव की शिनाख्त के लिए रवाना हो गए हैं।
सेक्टर-43 चंडीगढ़ स्थित इंटरस्टेट बस स्टैंड पर पीआरटीसी के सुपरवाइजर बलबीर सिंह ने बताया कि बस पीबी-65बीबी 4893 रविवार को दोपहर 2 बजकर 40 मिनट पर चंडीगढ़ से मनाली के लिए निकली थी। रात दस बजे तक बस चालक व कंडक्टर पंजाब की अन्य बसों के संपर्क में थे। इसके बाद ड्राइवर से संपर्क टूट गया। बस में सवारियां थीं या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
बुधवार को बस का नदी में बहते हुए वीडियो वायरल होने लगा। इसके बाद मंडी अस्पताल गए। बस में यात्रियों की एडवांस बुकिंग नहीं थी, क्योंकि पहले बस की मंडी तक जाने की योजना था। हालांकि, उन्होंने बताया कि सीजन के दिनों 35 से 40 सवारियां जाती थीं, जबकि उस दिन सवारियां कम थी। हादसा रात 12 बजे के बाद का है। अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया कि यह बस पीआरटीसी की है, क्योंकि बस के टायर ऊपर है, जबकि शेष हिस्सा पानी में डूबा हुआ है। जैसे ही पानी उतरेगा, उसके बाद सारी स्थिति साफ होगी। उन्होंने बताया कि पंजाब रोडवेज की करीब 4 बसे उस एरिया में फंसी हुई है।
पीआरटीसी ने सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट
बुधवार देर शाम जब बस कोई सुराग नहीं लगा। साथ ही कंडक्टर व बस चालक के परिजनों ने इस मामले को प्रमुखता से अधिकारियों और मैनेजमेंट के समक्ष में उठाया तो इसके बाद पीआरटीसी की तरफ से अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली। साथ ही इस बारे में जानकारी देने की बात कहीं। इसके बाद यह मामला मीडिया में आ गया।
भगवान करे, वह ठीक हो
बस का कंडक्टर पटियाला जिले के खेड़ी वरना का रहने वाला है। उसके परिवार में पत्नी दो बेटियां और एक बेटी है, जबकि बुजुर्ग माता पिता व तीन बहने हैं। परिवार गत चार दिनों से परेशान है। परिवार का कहना है कि रविवार रात से उसका फोन नहीं लग रहा है। पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि हम भगवान से यही दुआ कर रहे हैं कि वह ठीक हो।
मृतक अपने पीछे बेटा और पत्नी छोड़ गया
बस चालक सतगुर सिंह जिला संगरूर के गांव राधे धराणा का रहने वाला था। उसके परिवार में पत्नी व बेटा है। विभाग अधिकारियों से लगातार अपने पति के बारे में पत्नी पूछ रही थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। जबकि उसने सख्ती से मामला उठाया तो इस दिशा में कार्रवाई शुरू हुई। उन्होंने बताया कि वह पीआरटीसी में ठेके पर काम करता था। उसे मात्र 10 हजार रुपये सैलरी मिलती थी।