हरियाणा में CRPF भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा, चार गिरफ्तार, 450 संदिग्ध पर पुलिस की नजर
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सीआरपीएफ सिपाही भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने लिखित परीक्षा दूसरे से दिलाकर खुद फिजिकल देने पहुंचे चार युवकों को गिरफ्तार किया है। फिजिकल के दौरान आरोपियों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस का मिलान न होने के कारण आरोपी पकड़ में आए।
डीआईजी की ओर से पत्र मिलने के बाद हरकत में आए भर्ती बोर्ड के पीठासीन अधिकारी के बयान पर चारों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। जबकि डीआईजी के पत्र के पहले ही अंगूठे का मिलान न होने पर 450 अभ्यर्थियों को रिजेक्ट कर वापस भेज दिया था, इन सभी संदिग्धों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
भर्ती बोर्ड चेयरमैन और सीआरपीएफ चंडीगढ़ के द्वितीय कमांडेंट संजय कुमार ने राई थाना पुलिस को बताया कि ग्रुप केंद्र खेवड़ा में सीआरपीएफ सिपाही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के बाद मंगलवार को फिजिकल टेस्ट का अंतिम दिन था। डीआईजी (भर्ती), नई दिल्ली से पत्र मिला कि जिन अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी मिलान नहीं कर रही है उन्हें परीक्षा से हटाकर उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाए।
मंगलवार को फिजिकल के लिए पहुंचे चार अभ्यर्थी ऐसे मिले जिनकी बायोमीट्रिक हाजिरी का मिलान नहीं हुआ। फोटो और बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठे के निशान नहीं मिले तो उनके खिलाफ पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा। राई थाने के एएसआई रवींद्र दहिया ने चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
उनकी पहचान चरखी दादरी के गांव पंडवान निवासी अनिल कुमार, गांव रानीला निवासी योगेश कुमार, पानीपत के गांव जलमाना के सच्चेंद्र और भिवानी के गांव खरक खुर्द निवासी सुरेश के रूप में हुई। गौरतलब है कि डीआईजी का पत्र मिलने से पहले करीब 450 अभ्यर्थियों को बायोमीट्रिक मिलान न होने से रिजेक्ट कर वापस भेज दिया गया था।
सीआरपीएफ भर्ती परीक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने चार युवकों के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। जांच कर पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा। मामले में शामिल 450 से अधिक संदिग्धों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। - शमशेर सिंह, थाना प्रभारी, राई।