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Chandigarh News: हंगामे के बाद बिना चर्चा ही चार एजेंडे पास, बैठक रद्द
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से शुक्रवार को आयोजित सीनेट बैठक साढ़े 12 बजे हंगामे के साथ शुरू हुई। सीनेटरों देवेश मोदगिल, डॉ. परवीन गोयल, एचएस दुआ, डीपीएस रंधावा, नरेश गौड़, जतिंदर ग्रोवर इत्यादि ने वीसी से पीयू में चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों और उन पर लगे आरोपों को लेकर भी स्टेटमेंट मांगी तो इस पर हंगामा हो गया। इस कारण बैठक को दो बार स्थगित करना पड़ा और अंत में बिना चर्चा ही चार एजेंडे पास करने के बाद बैठक रद्द कर दी गई।
पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से शुक्रवार को आयोजित सीनेट बैठक में 18 एजेंडे चर्चा के लिए रखे गए थे लेकिन हंगामे के चलते किसी भी एजेंडे पर चर्चा नहीं हो पाई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां सिर्फ एक ही ग्रुप यूनिवर्सिटी का है। भ्रष्टाचार के मुद्दों को सबूतों के साथ पेश कर उस पर बहस की जानी चाहिए। बैठक में एजेंडों पर चर्चा करने के लिए उपस्थित हुए हैं तो इन पर चर्चा कर यूनिवर्सिटी के लिए योगदान देना चाहिए। वहीं, पूर्व वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर से भी सीनेटरों ने जवाब मांगा कि वीसी प्रो. राजकुमार ने यूएमसी मामले के जवाब में लिखा है कि उनके समय भी ऐसा होता रहा है। इस दौरान प्रो. ग्रोवर ने कहा कि पहला एजेंडा बोर्ड ऑफ फाइनेंस का अहम है। हंगामा करने के बजाय पीयू के फाइनेंस के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। पीयू में 50 प्रतिशत से भी कम फैकल्टी सदस्य रह गए हैं। यह चिंताजनक स्थिति है। फाइनेंस पर चर्चा कर फैकल्टी रिक्रूमेंट पर हमें सुझाव देने चाहिए।
वीसी बनारस वापस जाएं या जेल की करें तैयारी
बैठक में सीनेटरों की ओर से वीसी मुर्दाबाद की नारेबाजी की गई। इस दौरान सीनेटरों ने पीयू में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठाई। सीनेटर देवेश मोदगिल ने वीसी से कहा कि आपके पास दो विकल्प हैं या तो बनारस वापस जाएं या जेल की तैयारी कर लें। उन्होंने एमटीएस वर्कर्स भर्ती घोटाला, जेई रिश्वत कांड, यूएमसी मामला, एफिलिएशन कमेटी मामला, वरिष्ठता की अनदेखी कर पदोन्नति करने, गिफ्ट कल्चर को लागू करना, प्राइवेट कंपनियों को नियमों के विरूद्ध विज्ञापन देना, इंजीनियरिंग इकाई में काम की गुणवत्ता से समझौता, कॉलेजों पर फाइन लगाकर रिश्वत लेना, फैकल्टी इलेक्शन में खाली फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाना, कर्मचारियों की पेंशन रुकवाना इत्यादि मुद्दों पर जवाब मांगा गया।
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बिना चर्चा एजेंडे पास करने पर चांसलर, उपराष्ट्रपति को शिकायत
पीयू सीनेट बैठक में बिना चर्चा के चार एजेंडे सी-1 से लेकर सी-4 तक पास करने को लेकर सीनेटरों की ओर से पीयू चांसलर और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को शिकायत भेजी गई। उन्होंने लिखा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सदन में बहसबाजी हुई और हंगामे के बीच एजेंडों पर चर्चा नहीं हुई। दो बार बैठक स्थगित करने के बाद उसे अनिश्चितकालीन तक रद्द कर दिया गया। ऐसे में प्रेस स्टेटमेंट में पीयू ने एजेंडों को सीनेट की तरफ से मंजूर बताया है। अपील है कि पीयू अधिकारियों को कार्रवाई रिकॉर्ड का आदेश दिया जाए और चारों एजेंडों को अगली बैठक में विचार-विमर्श के लिए वापस रखा जाए।
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पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से शुक्रवार को आयोजित सीनेट बैठक में 18 एजेंडे चर्चा के लिए रखे गए थे लेकिन हंगामे के चलते किसी भी एजेंडे पर चर्चा नहीं हो पाई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां सिर्फ एक ही ग्रुप यूनिवर्सिटी का है। भ्रष्टाचार के मुद्दों को सबूतों के साथ पेश कर उस पर बहस की जानी चाहिए। बैठक में एजेंडों पर चर्चा करने के लिए उपस्थित हुए हैं तो इन पर चर्चा कर यूनिवर्सिटी के लिए योगदान देना चाहिए। वहीं, पूर्व वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर से भी सीनेटरों ने जवाब मांगा कि वीसी प्रो. राजकुमार ने यूएमसी मामले के जवाब में लिखा है कि उनके समय भी ऐसा होता रहा है। इस दौरान प्रो. ग्रोवर ने कहा कि पहला एजेंडा बोर्ड ऑफ फाइनेंस का अहम है। हंगामा करने के बजाय पीयू के फाइनेंस के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। पीयू में 50 प्रतिशत से भी कम फैकल्टी सदस्य रह गए हैं। यह चिंताजनक स्थिति है। फाइनेंस पर चर्चा कर फैकल्टी रिक्रूमेंट पर हमें सुझाव देने चाहिए।
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वीसी बनारस वापस जाएं या जेल की करें तैयारी
बैठक में सीनेटरों की ओर से वीसी मुर्दाबाद की नारेबाजी की गई। इस दौरान सीनेटरों ने पीयू में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठाई। सीनेटर देवेश मोदगिल ने वीसी से कहा कि आपके पास दो विकल्प हैं या तो बनारस वापस जाएं या जेल की तैयारी कर लें। उन्होंने एमटीएस वर्कर्स भर्ती घोटाला, जेई रिश्वत कांड, यूएमसी मामला, एफिलिएशन कमेटी मामला, वरिष्ठता की अनदेखी कर पदोन्नति करने, गिफ्ट कल्चर को लागू करना, प्राइवेट कंपनियों को नियमों के विरूद्ध विज्ञापन देना, इंजीनियरिंग इकाई में काम की गुणवत्ता से समझौता, कॉलेजों पर फाइन लगाकर रिश्वत लेना, फैकल्टी इलेक्शन में खाली फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाना, कर्मचारियों की पेंशन रुकवाना इत्यादि मुद्दों पर जवाब मांगा गया।
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बिना चर्चा एजेंडे पास करने पर चांसलर, उपराष्ट्रपति को शिकायत
पीयू सीनेट बैठक में बिना चर्चा के चार एजेंडे सी-1 से लेकर सी-4 तक पास करने को लेकर सीनेटरों की ओर से पीयू चांसलर और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को शिकायत भेजी गई। उन्होंने लिखा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सदन में बहसबाजी हुई और हंगामे के बीच एजेंडों पर चर्चा नहीं हुई। दो बार बैठक स्थगित करने के बाद उसे अनिश्चितकालीन तक रद्द कर दिया गया। ऐसे में प्रेस स्टेटमेंट में पीयू ने एजेंडों को सीनेट की तरफ से मंजूर बताया है। अपील है कि पीयू अधिकारियों को कार्रवाई रिकॉर्ड का आदेश दिया जाए और चारों एजेंडों को अगली बैठक में विचार-विमर्श के लिए वापस रखा जाए।