{"_id":"5f4009d28ebc3e4ad91c832f","slug":"found-house-number-living-slums-bardana-colony-sector-26-grain-market-chandigarh-news-pkl385377633","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल पहले मकान नंबर मिला, लेकिन अब तक घर नहीं, सेक्टर 26 ग्रेन मार्केट की बारदाना कॉलोनी की झुग्गियों में रह रहे हैं 60 परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल पहले मकान नंबर मिला, लेकिन अब तक घर नहीं, सेक्टर 26 ग्रेन मार्केट की बारदाना कॉलोनी की झुग्गियों में रह रहे हैं 60 परिवार
विज्ञापन
चंडीगढ़। साहब! हमें मकान नंबर तो मिल गया, लेकिन अभी तक घर नहीं मिल पाया। हम अभी घासफूस की बनी झुग्गियों में ही रहने को मजबूर हैं। यह दर्द सेक्टर-26 की ग्रेन मार्केट में रहने वाले बारदाना कालोनी के 60 परिवारों का है। कई बार प्रशासन से घर की गुहार लगाने के बाद भी अभी तक कालोनी के लोगों को घर नहीं मिल पाया है
जानकारी के अनुसार सेक्टर-26 की ग्रेन मार्केट में बारदाना बाजार के आसपास 60 परिवार झुग्गियां बनाकर रहते हैं। प्रशासन ने मार्केट में रहने वाले इन लोगों के बारदाना कॉलोनी के नाम पर आधार कार्ड बनाए हैं। साथ ही करीब दो साल पहले इन झुग्गियों पर मकान नंबर भी आवंटित क र रखे हैं, लेकिन अभी तक इन्हें घर नहीं मिल पाया है। झुग्गियों में रहने वाली प्रेमवती, शांति, शरबती देवी, सोमवती देवी ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ इन झुग्गियों में 30 साल से रह रही हैं। प्रशासन ने उन्हें बारदाना कॉलोनी में मकान नंबर तो दे दिया है, लेकिन अभी तक हमें मकान नहीं मिल पाया है। कई बार प्रशासन से घर के लिए गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है।
सुलभ शौचालय की रोशनी से होता है घर रोशन
झुग्गियों में रहने वाले इन परिवारों के पास कोई भी मूलभूत सुविधा नहीं है। इनकी झुग्गियों में पसरा अंधेरा पास में बने सुलभ शौचालय में लगे बल्बों की रोशनी से दूर होता है। इस रोशनी के सहारे ही झुग्गियों में रहने वाले बच्चे पढ़ते हैं। साथ ही महिलाएं अपने घर के काम भी पूरा करती हैं।
विज्ञापन
बारिश में जगते हुए कटती है रात
बारिश के दौरान झुग्गियों में रहने वाले इन परिवारों की रातें जगते हुए कटती हैं। झुग्गियों से टपकने वाले बारिश के पानी से बचने के लिए परिवार के सभी सदस्य बचाव का प्रयास करते हैं। झुग्गी में बरसात का पानी न टपके, इसके लिए उन्होंने प्लास्टिक की शीट भी लगाई हुई है, लेकिन तेज बारिश में यह भी नाकाफी होती है।
नेता जी ने भी कहा था घर दिलाएंगे.. पर हुआ कुछ नहीं
अभी कुछ साल पहले यहां एक नेता जी आए थे, बोल रहे थे कि यदि वे उन्हें वोट देंगे तो वह जल्द ही उन्हें घर दिला देंगे। हमने वोट भी दिया, लेकिन घर हमें अभी तक नहीं मिल पाया है। अब इस बार वोट मांगने नेता जी आए तो उन्हें उनका किया हुआ वादा जरूर याद दिलाएंगे।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार सेक्टर-26 की ग्रेन मार्केट में बारदाना बाजार के आसपास 60 परिवार झुग्गियां बनाकर रहते हैं। प्रशासन ने मार्केट में रहने वाले इन लोगों के बारदाना कॉलोनी के नाम पर आधार कार्ड बनाए हैं। साथ ही करीब दो साल पहले इन झुग्गियों पर मकान नंबर भी आवंटित क र रखे हैं, लेकिन अभी तक इन्हें घर नहीं मिल पाया है। झुग्गियों में रहने वाली प्रेमवती, शांति, शरबती देवी, सोमवती देवी ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ इन झुग्गियों में 30 साल से रह रही हैं। प्रशासन ने उन्हें बारदाना कॉलोनी में मकान नंबर तो दे दिया है, लेकिन अभी तक हमें मकान नहीं मिल पाया है। कई बार प्रशासन से घर के लिए गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
सुलभ शौचालय की रोशनी से होता है घर रोशन
झुग्गियों में रहने वाले इन परिवारों के पास कोई भी मूलभूत सुविधा नहीं है। इनकी झुग्गियों में पसरा अंधेरा पास में बने सुलभ शौचालय में लगे बल्बों की रोशनी से दूर होता है। इस रोशनी के सहारे ही झुग्गियों में रहने वाले बच्चे पढ़ते हैं। साथ ही महिलाएं अपने घर के काम भी पूरा करती हैं।
विज्ञापन
बारिश में जगते हुए कटती है रात
बारिश के दौरान झुग्गियों में रहने वाले इन परिवारों की रातें जगते हुए कटती हैं। झुग्गियों से टपकने वाले बारिश के पानी से बचने के लिए परिवार के सभी सदस्य बचाव का प्रयास करते हैं। झुग्गी में बरसात का पानी न टपके, इसके लिए उन्होंने प्लास्टिक की शीट भी लगाई हुई है, लेकिन तेज बारिश में यह भी नाकाफी होती है।
नेता जी ने भी कहा था घर दिलाएंगे.. पर हुआ कुछ नहीं
अभी कुछ साल पहले यहां एक नेता जी आए थे, बोल रहे थे कि यदि वे उन्हें वोट देंगे तो वह जल्द ही उन्हें घर दिला देंगे। हमने वोट भी दिया, लेकिन घर हमें अभी तक नहीं मिल पाया है। अब इस बार वोट मांगने नेता जी आए तो उन्हें उनका किया हुआ वादा जरूर याद दिलाएंगे।