{"_id":"59dcc7ea4f1c1b86698b50c1","slug":"former-union-minister-and-congress-general-secretary-rpn-singh-on-amit-shah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मोदी-शाह पर बरसे आरपीएन सिंह, बोले- न खाऊंगा, न खाने दूंगा अब कहां गया?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी-शाह पर बरसे आरपीएन सिंह, बोले- न खाऊंगा, न खाने दूंगा अब कहां गया?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 11 Oct 2017 09:09 AM IST
विज्ञापन
RPN Singh and PM Modi
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनियों के टर्न ओवर में हुई सोलह हजार गुणा की अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर जुबानी हमले तेज कर दिए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस महासचिव आरपीएन सिंह ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सीधा निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि प्रधान चौकीदार नरेंद्र मोदी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। वह भाजपाइयों के विकास में भागीदार हैं, जबकि औरों के लिए चौकीदार बने हुए हैं। न खाऊंगा, न खाने दूंगा अब कहां गया। केंद्रीय जांच एजेंसियां जय शाह की शैल कंपनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहीं। अमित शाह को भाजपा अध्यक्ष पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट केदो कार्यरत न्यायाधीशों से कराई जाए।
आरपीएन सिंह ने आरोप लगाया कि 2012 से 2014 के दौरान शाह परिवार की टेंपल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का सालाना टर्नओवर 50 हजार रुपये था। 2015-16 के दौरान इसका टर्नओवर 16 हजार गुणा बढ़कर 80 करोड़ 50 लाख तक जा पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रधान चौकीदार नरेंद्र मोदी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। वह भाजपाइयों के विकास में भागीदार हैं, जबकि औरों के लिए चौकीदार बने हुए हैं। न खाऊंगा, न खाने दूंगा अब कहां गया। केंद्रीय जांच एजेंसियां जय शाह की शैल कंपनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहीं। अमित शाह को भाजपा अध्यक्ष पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट केदो कार्यरत न्यायाधीशों से कराई जाए।
विज्ञापन
आरपीएन सिंह ने आरोप लगाया कि 2012 से 2014 के दौरान शाह परिवार की टेंपल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का सालाना टर्नओवर 50 हजार रुपये था। 2015-16 के दौरान इसका टर्नओवर 16 हजार गुणा बढ़कर 80 करोड़ 50 लाख तक जा पहुंचा।
विज्ञापन
शाह की कंपनी ने सीधे तौर पर काले धन को सफेद किया है। शाह की कंपनियों में 51 करोड़ रुपये विदेश से भी निवेश के लिए आए हैं, जबकि वास्तव में कोई कंपनी थी ही नहीं, कार्यालय भी एक कमरे में था और उसका सालाना किराया 80 लाख रुपये था।
जय शाह की कंपनी को केआईएसएफ फाइनेंशियल सर्विसेज के मालिक राजेश खंडवाला ने लगभग पौने 16 करोड़ रुपये का असुरक्षित लोन दिया। लोन देने वाली कंपनी के मालिक अंबानी समूह के गुजरात में कर्ताधर्ता परिमल नथवानी के समधी हैं। शाह के बेटे की कंपनी को कालूपुर कामर्शियल को-आपरेटिव बैंक ने भी 25 करोड़ का कर्ज केवल छह करोड़ 20 लाख की दो संपत्तियों को गिरवी रखकर दे दिया।
इसमें से एक प्रापर्टी खुद अमित शाह की और दूसरी यशपाल चुड़ासमा की है। पीयूष गोयल के ऊर्जा मंत्री रहते हुए मिनीरत्ना कंपनी ने भी शाह की कंपनी को नवीनीकरण ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए दस करोड़ पचास लाख का लोन दिया। कांग्रेस इस मुद्दे पर गली-गली, घर-घर जाकर भाजपा के विकास फार्मूले से लोगों को अवगत कराएगी।
जय शाह की कंपनी को केआईएसएफ फाइनेंशियल सर्विसेज के मालिक राजेश खंडवाला ने लगभग पौने 16 करोड़ रुपये का असुरक्षित लोन दिया। लोन देने वाली कंपनी के मालिक अंबानी समूह के गुजरात में कर्ताधर्ता परिमल नथवानी के समधी हैं। शाह के बेटे की कंपनी को कालूपुर कामर्शियल को-आपरेटिव बैंक ने भी 25 करोड़ का कर्ज केवल छह करोड़ 20 लाख की दो संपत्तियों को गिरवी रखकर दे दिया।
इसमें से एक प्रापर्टी खुद अमित शाह की और दूसरी यशपाल चुड़ासमा की है। पीयूष गोयल के ऊर्जा मंत्री रहते हुए मिनीरत्ना कंपनी ने भी शाह की कंपनी को नवीनीकरण ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए दस करोड़ पचास लाख का लोन दिया। कांग्रेस इस मुद्दे पर गली-गली, घर-घर जाकर भाजपा के विकास फार्मूले से लोगों को अवगत कराएगी।