करनाल के पूर्व भाजपा सांसद अश्विनी चोपड़ा का देहांत, लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल के पूर्व सांसद अश्वनी चोपड़ा ईमानदारी और बेबाकी के लिए हमेशा यहां के लोगों के दिलों में रहेंगे। सबसे बड़ी बात ये है कि जब करनाल का कोई सदस्य दिल्ली में उनसे मिलता था तो उनके चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। करनाल के लोगों से उनका खास लगाव था। हर बात को बेबाकी से कहने और चेहरे पर मुस्कान के कारण ही पूर्व सांसद हर दिल अजीज थे, भले ही उनका निधन हो गया, लेकिन वे हमेशा यहां के लोगों को दिलों में जिंदा रहेंगे।
अरुण से बात कराओ... दिल्ली से करनाल पहुंचे तो काम हो गया था
करनाल के समाजसेवी बीआर मदान ने बताया कि पूर्व सांसद अश्वनी चोपड़ा खुश मिजाज इंसान थे। वो हमेशा खुशी से लोगों के काम करते थे। एक संस्मरण याद करते हुए मदान ने बताया कि वे एक बार एक बैंक के सिलसिले में चोपड़ा से मिलने दिल्ली गए थे। वो काम उस समय वित्त मंत्री अरुण जेटली से संबंधित काम था।
चोपड़ा ने तुरंत हामी भरी और सीधे ही फोन नंबर डायल करके सामने वाले को कहा कि अरुण से बात कराओ। सामने वाले ने भी बात कराई तो कुछ देर वे बात करते रहे और उन्होंने उनको काम बता दिया। बाद में मैंने पूछा कि ये कोई पीए थे क्या वित्त मंत्री के। चोपड़ा ने बताया कि अरुण जेटली ही थे, ये मेरे अच्छे मित्र हैं। मैं हमेशा उनको अरुण ही बुलाता हूं। मदान ने बताया कि जब तक वे करनाल वापस आए तो वो काम हो चुका था।
Haryana: Former BJP MP and senior journalist Ashwini Kumar Chopra passes away in Gurugram. He was suffering from cancer. pic.twitter.com/4cJMJSBMXg
— ANI (@ANI) January 18, 2020
गांव मोहिद्दिनपुर को गोद लिया और चमकाया
जिला परिषद के सदस्य चंचल राणा ने कहा कि पूर्व सांसद के निधन से पूरे गांव में शोक की लहर है। सांसद रहते हुए चोपड़ा ने गांव को गोद लिया था और बाकायदा गांव की सभी समस्याएं समाप्त की। सबसे बड़ी बात स्कूल को अपग्रेड कराया और गांव में सड़कों आदि के अलावा नये आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए।
उस समय गांव को नेशनल अवार्ड भी मिला था। चंचल राणा ने कहा कि जब उन्होंने गांव को गोद लिया था तो उस समय गांव में कई समस्याएं थी लेकिन आज गांव में सभी समस्याएं समाप्त हो गई हैं। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है।
पार्षदों को शपथ दिला बोले, सीएम नहीं एमपी सिटी भी है करनाल..
करनाल नगर निगम के पिछले कार्यकाल में 14 जुलाई 2017 को निगम में पार्षदों का कुनबा बड़ा था। तीन पार्षद सरकार की ओर से मनोनीत किए गए थे। मनोनीत पार्षद वीर विक्रम कुमार, अशोक कुमार व जगदीश चंद्र सभ्रवाल को शपथ दिलाने के लिए पंचायत भवन में आयोजित समारोह में पूर्व सांसद अश्वनी चोपड़ा मुख्यातिथि के रूप पहुंचे थे।
तीनों मनोनीत पार्षदों को उन्होंने शपथ दिलाने के बाद जनता की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने का मंत्र भी दिया था। साथ ही यह भी कहा कि करनाल शहर सीएम सिटी होने के साथ-साथ एमपी सिटी भी है, नगर निगम के सभी पार्षदों व आम लोगों के सहयोग से करनाल स्मार्ट होगा।
धार्मिक-सांस्कृतिक हर कार्यक्रम में होते थे शरीक
सांसद अश्वनी चोपड़ा मिलनसार स्वभाव के थे। इसीलिए लोग उन्हें शहर में होने वाले हर धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में पहुंचने का न्यौता देते थे। फिर चाहे दशहरा, जन्माष्टमी हो या छठपर्व, वे कार्यक्रम में जरूर पहुंचते थे। वर्ष 2015 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सेक्टर आठ मार्केट में जय ओंकार यज्ञ समिति की ओर से 108 कुंडीय ओंकार यज्ञ का आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम में सांसद अश्वनी चोपड़ा पहुंचे थे।
कैप्टन ने निधन पर दुख जताया
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूर्व सांसद अश्वनी कुमार (मिन्ना) चोपड़ा के देहांत पर दुख प्रकट किया है। अश्विनी चोपड़ा 63 वर्ष के थे। उनका लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया। एक शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने सीनियर पत्रकार द्वारा निभाई गईं शानदार सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उन्होंने प्रेस की आजादी के लिए सक्रिय भूमिका अदा की।
उन्होंने कहा कि अश्वनी कुमार के चले जाने से पत्रकारिता के क्षेत्र में सूनापन पैदा हो गया, जिसे दूर करना बहुत मुश्किल है। अश्वनी मिन्ना को बुद्धिमान राजनीतिज्ञ और प्रसिद्ध पत्रकार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सांसद अपने अखबार के कॉलमों द्वारा पंजाब के सर्वपक्षीय विकास और समाज के सभी वर्गों की भलाई के मसलों को लगातार उठाते रहे और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों को कायम रखा।