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नहीं थम रहा पंजाब कांग्रेस का विवाद: अब पूर्व मंत्री अश्विनी सेखड़ी ने कैप्टन के खिलाफ खोला मोर्चा
Fri, 28 May 2021 12:43 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 28 May 2021 12:43 PM IST
सार
सेखड़ी ने आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए कई बार मैसेज भेजे। मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास पर भी संपर्क किया, लेकिन मुख्यमंत्री मिल ही नहीं रहे।
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पूर्व मंत्री अश्वनी सेखड़ी ने कैप्टन के खिलाफ खोला मोर्चा।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस अपने नाराज मंत्रियों और विधायकों को मनाने में जुटी ही थी कि गुरुवार को पूर्व मंत्री अश्विनी सेखड़ी ने भी राज्य सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पास पार्टी नेताओं से ही मिलने का समय नहीं है तो वे आम लोगों के कितने करीब होंगे? सेखड़ी ने पंजाब कांग्रेस की बैठक बुलाए जाने की मांग करते हुए कहा कि कोरोना के हालात पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ऑल पार्टी मीटिंग बुलाएं।
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गुरुवार को न्यू चंडीगढ़ में बुलाई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सेखड़ी ने मुख्यमंत्री के कामकाज पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्होंने कोविड संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को 1000 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और अपने कालेजों को कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए 8 मई को व्हाट्सअप के जरिए मुख्यमंत्री और उनकी टीम को मैसेज भेजे थे, लेकिन आज तक उनका जवाब नहीं आया। जबकि वे कोविड के मौजूदा संकट के दौरान राज्य सरकार की मदद करना चाहते हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे के शहरी लोग और हिंदू इस समय खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनकी राज्य सरकार में कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। हिंदू लीडरशिप को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। इस समय पंजाब के हालात ठीक नहीं है और गांव पूरी तरह कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। चंडीगढ़ में बैठकर पंजाब के सही हालात का पता नहीं लगाया जा सकता, इसलिए मुख्यमंत्री और उनकी टीम के नेताओं को गांव देहात और शहरों में जाना चाहिए। सेखड़ी ने कहा कि राज्य सरकार को कोरोना के खिलाफ जंग में सभी पार्टियों के साथ बैठकर रणनीति बनानी चाहिए।
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मुख्यमंत्री से मिलने को कई मैसेज भेजे
सेखड़ी ने आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए कई बार मैसेज भेजे। मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास पर भी संपर्क किया, लेकिन मुख्यमंत्री मिल ही नहीं रहे। कोविड संकट में मदद के लिए उनके द्वारा भेजे गए मैसेज का जवाब मुख्यमंत्री ही नहीं, उनके अधिकारियों ने भी नहीं दिया। जबकि उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रमुख मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सूबे की मुख्य सचिव और सीएम के मीडिया व सुरक्षा सलाहकार सहित सीनियर अधिकारियों से संपर्क किया था। उन्होंने मांग की कि बेशक इस समय जिला और ब्लॉक स्तर की कमेटियां नहीं हैं, लेकिन पंजाब कांग्रेस को जल्द अपनी बैठक बुलानी चाहिए। साथ ही एलान किया कि इन मुद्दों पर वे अपनी जंग जारी रखेंगे।
बटाला से ही लडूंगा चुनाव : सेखड़ी
बटाला विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे अश्विनी सेखड़ी 2002 में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में राज्य मंत्री बने थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में वे अकाली दल के लखबीर सिंह लोधीनंगल से 500 वोट से हार गए थे। गुरुवार को उन्होंने साफ कर दिया कि वे बटाला से ही अगला चुनाव लड़ेंगे। लेकिन किस पार्टी की ओर से लड़ेंगे, इस पर चुप्पी साध गए।