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पूर्व सीएम हुड्डा बोले- हमारे समय में दी जाती थी सब्सिडी, अब टैक्स की मार झेल रहे किसान
Wed, 20 May 2020 09:42 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 20 May 2020 09:42 PM IST
सार
- हुड्डा ने कहा- जल संरक्षण के तरीकों पर गौर करे सरकार
- धान रोपाई पर बंदिश मानने को कांग्रेस तैयार नहीं
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भूपेंद्र हुड्डा (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हरियाणा कांग्रेस धान की रोपाई पर लगने वाली बंदिशों को मानने के लिए तैयार नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि अब समय आ गया है कि सरकार जल संरक्षण की तरफ ध्यान दे। किसी चीज पर बंदिश लगा देना वह भी संकट के इस समय उचित नहीं है। सरकार को चाहिए कि अच्छी क्वालिटी का हाइब्रिड बीज किसानों को उपलब्ध करवाए। जिससे धान की फसल पानी कम सोखे।
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पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि भूजल की चिंता वाजिब है। कांग्रेस कार्यकाल के दौरान भी सरकार के सामने ये चुनौती थी। लेकिन उस वक्त सरकार ने दादूपुर नलवी, हांसी बुटाना नहर परियोजना चलाने, राखसी नदी, खंड नाला को पुनर्जीवित करने, सिरसा में ओटू झील बनवाने, इस्राइल ड्रिप सिस्टम से सिंचाई को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए थे।
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ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए फव्वारा सेट और पाइप लाइन के लिए किसानों को अनुदान दिया जाता था। लेकिन बीजेपी सरकार ने उसे बंद कर दिया। सरकार को भूजल संरक्षण की योजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्हें आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा सरकार 7500 करोड़ रुपये भुगतान का दावा करती है। जबकि खरीद के मुताबिक किसानों का कुल भुगतान 13500 करोड़ बनता है। हालांकि सरकारी आकंड़े कहते हैं कि सरकार ने अब तक सिर्फ 27 लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए 5231 हजार रुपये का ही भुगतान किया है। इसलिए सरकार को भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज फूल और सब्जी उत्पादक किसानों की हालत सबसे बुरी है। उनकी फसल खेतों में खराब हो रही है। भिवानी समेत प्रदेश भर के किसान अपनी फसल को पशुओं के सामने डालने को मजबूर है।