Punjab: पूर्व डिप्टी सीएम सोनी से दो घंटे पूछताछ, संपत्ति का ब्योरा तलब, सात दिन में देना होगा जवाब
साल 2007 से लेकर 2022 के बीच सोनी की संपत्ति में वृद्धि होने की शिकायत विजिलेंस को किसी ने की थी। जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस सरकार के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए सोनी ने आय स्रोतों से ज्यादा संपत्ति बनाई है।
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम ओमप्रकाश सोनी से मंगलवार को विजिलेंस दफ्तर में करीब दो घंटे पूछताछ हुई। इस दौरान विजिलेंस ने उनसे प्रॉपर्टी और आय से संबंधित कई सवाल पूछे। साथ ही, उन्हें एक प्रोफार्मा भी दिया है, जिसमें उन्हें अपनी और परिवार की संपत्ति का ब्योरा सात दिन के भीतर भरकर देना होगा।
इस दौरान विजिलेंस दफ्तर से बाहर निकलते वक्त उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने बताया, उन्हें किसी का भय नहीं है। वह आठ से सात बार चुनाव लड़ चुके हैं। हर बार चुनाव के दौरान शपथ पत्र में संपत्ति का ब्योरा भरकर देते हैं। चुनाव के दौरान जो संपत्ति दिखाई थी, आज भी उतनी प्रॉपटी है। जो है, वो सबके सामने हैं। विजिलेंस ने जो भी रिकॉर्ड और कागजात मांगे हैं, उसे तय समय पर उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इस मामले में जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया जाएगा।
विजिलेंस को सोनी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जुटाने की शिकायत मिली थी। विजिलेंस ने उन्हें नोटिस जारी कर 28 नवंबर को तलब किया था, लेकिन वह उस दिन न आकर मंगलवार को पेश हुए।
चन्नी सरकार में थे डिप्टी सीएम
ओपी सोनी चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार में सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ दूसरे डिप्टी सीएम थे। वह पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। हालांकि बीते विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वह कैप्टन अमरिंदर की सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री भी रहे हैं। वह अमृतसर से चुनाव लड़ते रहे हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम को अपने परिवार की संपत्ति का ब्योरा देने को कहा गया है। इसके लिए उन्हें एक प्रोफार्मा दिया गया है, जो सात दिन के भीतर भरकर देना होगा। वरिंदर सिंह संधू, एसएसपी, विजिलेंस ब्यूरो।