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Punjab News: पूर्व उप-मुख्यमंत्री ओपी सोनी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, कल फिर से होगी सुनवाई
Wed, 11 Oct 2023 08:42 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 11 Oct 2023 08:42 PM IST
सार
ओपी सोनी पांच बार विधायक रहे हैं। हालांकि 2022 में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार से हार गए थे। पिछली कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और उप-मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं।
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पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री ओपी सोनी को बुधवार को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। डीएसपी विजिलेंस ने उनकी याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए जमानत का विरोध किया। हाईकोर्ट ने विजिलेंस के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए नियमित जमानत की मांग पर गुरुवार को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
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आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व उप-मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने जमानत की हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। विजिलेंस के अनुसार एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सोनी और उनके परिवार की आय 4.52 करोड़ रुपये थी जबकि खर्च 12.48 करोड़ था। उनका खर्च उनकी आय के ज्ञात माध्यमों से 176.08 प्रतिशत अधिक था।
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विजिलेंस के अनुसार इस अवधि के दौरान आरोपी ओपी सोनी ने अपनी पत्नी सुमन सोनी और बेटे राघव सोनी के नाम पर संपत्तियां बनाईं। इस मामले में एफआईआर के बाद विजिलेंस ने नौ जुलाई को सोनी को गिरफ्तार कर लिया था। जमानत की मांग को लेकर सोनी ने अमृतसर की अदालत में याचिका दाखिल की थी जिसे खारिज कर दिया गया।
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अदालत ने कहा था कि यह नहीं कहा जा सकता है कि सोनी के खिलाफ आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह से झूठे हैं। इसके बाद अब सोनी ने नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है। नौ जुलाई को सोनी की गिरफ्तारी के बाद निचली अदालत ने विजिलेंस को उनकी दो दिन की रिमांड दी थी लेकिन बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
17 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी के बाद उन्हें विजिलेंस की हिरासत में भेज दिया गया था। सोनी पांच बार विधायक रहे हैं। हालांकि 2022 में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार से हार गए थे। पिछली कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और उप-मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं।