{"_id":"5c87eb92bdec22145c46d2a4","slug":"former-congress-youth-leader-convicted-in-case-of-fraud","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब के पूर्व डीजीपी से 50 लाख की ठगी के मामले में कांग्रेस का पूर्व युवा नेता दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब के पूर्व डीजीपी से 50 लाख की ठगी के मामले में कांग्रेस का पूर्व युवा नेता दोषी करार
Wed, 13 Mar 2019 12:46 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 13 Mar 2019 12:46 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क से 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जिला अदालत ने चंडीगढ़ कांग्रेस के पूर्व युवा नेता विजय पाल सिंह को दोषी करार दिया है। कोर्ट बुधवार को दोषी की सजा पर फैसला सुना सकती है। पूर्व डीजीपी एसएस विर्क ने यूटी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि विजय पाल सिंह ने उन्हें जमीन दिलाने का झांसा देकर उनसे 50 लाख रुपये लिए थे लेकिन न तो विजय पाल ने उन्हें जमीन दिलवाई और न ही उनके पैसे वापस लौटाए।
विज्ञापन
तत्कालीन आईजी, यूटी आरपी उपाध्याय से शिकायत करने पर विजय पाल के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जा सका था लेकिन इससे पहले दर्ज केस के अनुसार साल 2007 में पंजाब के तत्कालीन एडीजीपी आरपी सिंह ने विजय को डीजीपी विर्क से मिलवाया था। डीजीपी की पत्नी जसविंदर विर्क की मनीमाजरा स्थित 4 एकड़ जमीन को प्रशासन ने डीटी मॉल के लिए 65 लाख रुपये देकर अधिकृत किया था।
विज्ञापन
विर्क इस रकम का इस्तेमाल कृषि भूमि के लिए करना चाहते थे। विजय ने उन्हें जमीन में निवेश का भरोसा दिलाकर उनसे 50 लाख रुपये ले लिए। विर्क ने यह रकम विजय को चेक के माध्यम से दी थी। लंबे समय तक डीजीपी विर्क इंतजार में रहे लेकिन न तो उन्हें जमीन दिलवाई गई और न ही उनके पैसे वापस मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का पता लगा।
विज्ञापन
डीजीपी विर्क को भी आरोपी पर कार्रवाई के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। इस संबंध में वह दिसंबर 2012 में तत्कालीन गृह सचिव से मिले लेकिन विजय पाल पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी। जनवरी 2014 में विर्क ने तत्कालीन आईजी यूटी, आरपी उपाध्याय को शिकायत दी। तब जाकर आरोपी विजय के खिलाफ 4 जनवरी 2014 को धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था।