फिरोजपुरः पूर्व विधायक ने कुलबीर सिंह जीरा पर लगाए संगीन आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रखी बात
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पूर्व कांग्रेस विधायक नरेश कटारिया ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में जीरा हलके के कांग्रेसी विधायक कुलबीर सिंह जीरा पर अवैध रेत खनन, अवैध नशे के धंधे और लोगों की जमीन हड़पने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। कटारिया ने आरोप लगाया कि उक्त धंधों में विधायक कुलबीर के पिता पूर्व मंत्री इंद्रजीत सिंह जीरा और उनके चाचा महेंद्रजीत सिंह भी संलिप्त हैं।
कटारिया ने जीरा विधानसभा हलके के कुछ पीड़ित लोगों को साथ लाकर फिरोजपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पीड़ित लोगों ने आपबीती मीडिया को बताई। पीड़ित बलवंत सिंह उर्फ महक ने बताया कि उसकी जमीन पर विधायक कुलबीर सिंह जीरा और उनके चाचा महेंद्रजीत सिंह धक्के से कब्जा करना चाह रहे हैं, विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। वह पुलिस के पास भी गए, पर उन्हें इंसाफ नहीं मिल रहा है। उनकी उम्र 67 साल है और उनके दोस्त की उम्र 70 साल है।
दोनों पर कुलबीर के कहने पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरे पीड़ित स्वर्ण सिंह ने बताया कि उसकी सात एकड़ जमीन गांव निजामुद्दीन में है, जिसे विधायक कुलबीर हड़पने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। वह हाईकोर्ट भी गए हैं, लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं हो पा रहा है। यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो उनका पूरा परिवार आत्महत्या करने के लिए मजबूर होगा, जिसके जिम्मेदार विधायक कुलबीर जीरा व उनके परिवार के लोग होंगे।
पंजाब पुलिस से रिटायर सब-इंस्पेक्टर करनैल सिंह और उनके बेटे रणवीर सिंह ने बताया कि वह पूर्व विधायक कटारिया के साथ खेलमंत्री बने राणा गुरमीत सिंह सोढी को बधाई देने चंडीगढ़ गए थे और इधर विधायक कुलबीर जीरा के इशारे पर उनके ऊपर इरादा-ए-कत्ल का मामला दर्ज कर दिया गया।
पीड़ित कंतोड़ सिंह ने बताया कि विधायक कुलबीर जीरा के इशारे पर बीडीपीओ दफ्तर के अधिकारियों ने कुछेक सरपंचों और मृतक सरपंचों के जाली हस्ताक्षर कर लगभग 52 लाख रुपये खुर्दबुर्द कर लिए गए हैं। विधायक कटारिया के साथ आए अन्य लोगों ने भी मीडिया के सामने विधायक कुलबीर जीरा व उनके परिवार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की कहानी सुनाई।
एक सवाल के जवाब में कटारिया ने कहा कि वह कांग्रेसी हैं और कांग्रेसी ही रहेंगे। उनके पास पीड़ित लोग आए हैं, जिनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है, उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए वह अब आगे आए हैं। पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिए जाने की मांग मीडिया के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से की है।