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Chandigarh News: पीयू पहुंचे पूर्व सीएम चन्नी, सिंगर बब्बू मान, छात्रों को दिया समर्थन
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में एफिडेविट और सीनेट चुनाव बहाली को लेकर चल रहे आंदोलन को मंगलवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपना समर्थन दिया। धरनास्थल पर पहुंचकर चन्नी ने भूख हड़ताल पर बैठे पीयूसीएससी महासचिव अभिषेक डागर से करीब 20 मिनट तक बातचीत की और विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया।
चन्नी ने कहा कि मैं आज भी इस यूनिवर्सिटी का विद्यार्थी हूं। कल ही मेरी मास्टर्स की डेटशीट आई है और 29 तारीख से मेरे एग्जाम यहीं शुरू हो रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी ने मेरे जैसे नेताओं और कई बड़े खिलाड़ियों को जन्म दिया है। यह मिडिल क्लास और गरीब बच्चों की पढ़ाई का सहारा है।
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी को केंद्रीयकृत कर निजीकरण की ओर ले जाने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इसका असर न सिर्फ शिक्षा पर बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के ताने-बाने पर भी पड़ेगा। चन्नी ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को पार्लियामेंट में उठाएंगे और पंजाब सरकार से आग्रह किया कि इस पर विशेष सेशन बुलाकर केंद्र पर दबाव बनाए।
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धरने के दौरान किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, सिंगर बब्बू मान और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान भी यूनिवर्सिटी पहुंचे। तीनों ने विद्यार्थियों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि यह संघर्ष सिर्फ छात्रों का नहीं बल्कि पूरे पंजाब का है। उन्होंने कहा कि सीनेट भंग करने का फैसला शिक्षा के लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरनास्थल पर विद्यार्थियों ने भी नेताओं के आगमन पर नारेबाजी कर अपना जोश दिखाया। छात्रों ने कहा कि जब तक यूनिवर्सिटी को उसके पुराने स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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चन्नी ने कहा कि मैं आज भी इस यूनिवर्सिटी का विद्यार्थी हूं। कल ही मेरी मास्टर्स की डेटशीट आई है और 29 तारीख से मेरे एग्जाम यहीं शुरू हो रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी ने मेरे जैसे नेताओं और कई बड़े खिलाड़ियों को जन्म दिया है। यह मिडिल क्लास और गरीब बच्चों की पढ़ाई का सहारा है।
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पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी को केंद्रीयकृत कर निजीकरण की ओर ले जाने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इसका असर न सिर्फ शिक्षा पर बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के ताने-बाने पर भी पड़ेगा। चन्नी ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को पार्लियामेंट में उठाएंगे और पंजाब सरकार से आग्रह किया कि इस पर विशेष सेशन बुलाकर केंद्र पर दबाव बनाए।
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धरने के दौरान किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, सिंगर बब्बू मान और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान भी यूनिवर्सिटी पहुंचे। तीनों ने विद्यार्थियों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि यह संघर्ष सिर्फ छात्रों का नहीं बल्कि पूरे पंजाब का है। उन्होंने कहा कि सीनेट भंग करने का फैसला शिक्षा के लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरनास्थल पर विद्यार्थियों ने भी नेताओं के आगमन पर नारेबाजी कर अपना जोश दिखाया। छात्रों ने कहा कि जब तक यूनिवर्सिटी को उसके पुराने स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।