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बेअंत सिंह को मारने वाला रोजाआना भूख हड़ताल पर, ये रही वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
Updated Thu, 03 Nov 2016 07:58 PM IST
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बलवंत सिंह राजोआना ने शुरू की भूख हड़ताल
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पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के कत्ल केस में फांसी की सजा पा चुका बलवंत सिंह राजोआना ने जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसके पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है।
जेल से लिखे पत्र के जरिये राजोआना ने यह ऐलान किया है कि यह भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उसकी फांसी संबंधी पटीशन पर फैसला नहीं आ जाता है या फिर इस फैसले को सुनाने के लिए कोई भी समय सीमा तय नहीं कर दी जाती है।
पत्र में राजोआना ने लिखा है कि 1984 में हुए सिख दंगों के कातिलों को 32 सालों के बाद भी गिरफ्तार करके किसी जेल में नहीं भेजा गया। जबकि वह पिछले 21 सालों से जेल में बंद है और देश के हुक्मरानों की ओर से सुनाए जाने वाले फैसले का इंतजार कर रहा है।
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जेल से लिखे पत्र के जरिये राजोआना ने यह ऐलान किया है कि यह भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उसकी फांसी संबंधी पटीशन पर फैसला नहीं आ जाता है या फिर इस फैसले को सुनाने के लिए कोई भी समय सीमा तय नहीं कर दी जाती है।
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पत्र में राजोआना ने लिखा है कि 1984 में हुए सिख दंगों के कातिलों को 32 सालों के बाद भी गिरफ्तार करके किसी जेल में नहीं भेजा गया। जबकि वह पिछले 21 सालों से जेल में बंद है और देश के हुक्मरानों की ओर से सुनाए जाने वाले फैसले का इंतजार कर रहा है।
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राजोआना ने पत्र में हड़ताल की ये वजह बताई
बलवंत सिंह राजोआना ने शुरू की भूख हड़ताल
राजोआना ने पत्र जरिये कहा है कि शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी पर काबिज ओहदेदारों की ओर से किए गए धोखे के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उसकी सजा के साथ संबंधित फैसला लेने में बिना कोई कारण बताए गैरजरूरी देरी की जा रही है।
जिसके रोष स्वरूप वह आज से भूख हड़ताल शुरू कर रहा है। उसकी यह भूख हड़ताल उसकी फांसी की फैसला होने तक या इस संबंधी कोई समय सीमा तय होने तक या फिर मरने तक जारी रहेगी।
अगर इस संघर्ष दौरान उसकी मौत हो गई, तो उनकी मौत सिख नौजवानों को देश प्रति अपने फर्जों को पूरा करने का संदेश देगी। इस मौके पर राजोआना ने 1984 में दिल्ली के तख्त पर बैठे तत्कालीन कांग्रेसी हुक्मरानों पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने एक सोची समझी साजिश के तहत सिख कौम को अपनी चालों व जुल्म का शिकार बनाया।
जिसके रोष स्वरूप वह आज से भूख हड़ताल शुरू कर रहा है। उसकी यह भूख हड़ताल उसकी फांसी की फैसला होने तक या इस संबंधी कोई समय सीमा तय होने तक या फिर मरने तक जारी रहेगी।
अगर इस संघर्ष दौरान उसकी मौत हो गई, तो उनकी मौत सिख नौजवानों को देश प्रति अपने फर्जों को पूरा करने का संदेश देगी। इस मौके पर राजोआना ने 1984 में दिल्ली के तख्त पर बैठे तत्कालीन कांग्रेसी हुक्मरानों पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने एक सोची समझी साजिश के तहत सिख कौम को अपनी चालों व जुल्म का शिकार बनाया।