फॉरेक्स ट्रेडिंग केस: ट्राईसिटी के प्राइवेट बैंकों तक था लविश चौधरी का नेटवर्क, ईडी जांच में खुलासा
जो लोग लोन लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा लगा देते थे, उन्हें चार से पांच महीने तक मुनाफा और उनकी किश्तें भी भरी जाती थी, लेकिन उसके बाद किश्तें और मुनाफा आना दोनों बंद हो जाता था।
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फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला के मास्टरमाइंड लविश चौधरी का नेटवर्क ट्राईसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) के प्राइवेट बैंकों और फाइनेंस कंपनियों तक फैला हुआ था। प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) चंडीगढ़ की जांच में यह खुलासा हुआ है।
चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के कई प्राइवेट बैंकों में लोन डिपार्टमेंट में काम करने वाले लोग इस नेटवर्क का हिस्सा था। इन प्राइवेट बैंक के लोन डिपार्टमेंट के ऑफिशियल उनके बैंक के अच्छे कस्टमरों के खाते देखकर या फिर अपने जानकारों को इन प्राइवेट बैंक से उन्हीं के नाम पर पैसा यानी लोन दिलाकर फॉरेक्स ट्रेडिंग में इन्वेस्ट कराते थे।
लविश चौधरी के नेटवर्क में शामिल एजेंट्स नवाब हसन, हरिंदर पाल सिंह व अन्य एजेंट्स लोगों के नाम पर लोन दिलाकर उस पैसे को फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करा उन्हें न केवल इस लोन की हर महीनें किश्त भरने का झांसा देते थे, बल्कि हर माह 5 से 7 प्रतिशत मुनाफा देने की बात कहते थे। यह सभी नये खुलासे ईडी चंडीगढ़ द्वारा हाल ही में मास्टरमाइंड लविश चौधरी के पकड़े गये राइट हैंड नवाब हसन की गिरफ्तारी में हुई पूछताछ में हुए हैं।
ईडी चंडीगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आया है कि जो लोग लोन लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा लगा देते थे, उन्हें चार से पांच महीने तक मुनाफा और उनकी किश्तें भी भरी जाती थी, लेकिन उसके बाद किश्तें और मुनाफा आना दोनों बंद हो जाता था। चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली के अलावा उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी, हिमाचल के मंडी क्षेत्र व उसके आसपास के इलाको, गुजरात और दिल्ली में इस प्रकार कई लोगों को अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर प्राइवेट बैंकों से लोन दिलाकर फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा निवेश कराया गया है। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि अकेले ट्राईसिटी से ऐसे पांच प्राइवेट बैंकों के नाम सामने आये हैं, जिनके लोन डिपार्टमेंट के ऑफिशियल इस फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला के लिए लोगों को लोन दिलाने का काम करते थे, उन सभी बैंकों के ऑफिशियल की भी जांच की जा रही है।
दिल्ली के करोल बाग में क्विक फॉरेक्स के खाते में पैसे डलवाए गए
फॉरेक्स ट्रेडिंग का मास्टरमाइंड लविश चौधरी अपने एजेंटों के जरिए नई दिल्ली के करोल बाग के प्यारे लाल रोड बैंक स्ट्रीट स्थित एक प्राइवेट बैंक में क्विक फॉरेक्स लिमिटेड के नाम पर खुले अकाउंट में लोगों से पैसे डलवाये जाते थे, जोकि लोगों ने प्राइवेट बैंकों से लोन लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग में इन्वेस्ट करने के लिए थे।
चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के इन एजेंटों और बैंक ऑफिशियल के नाम आये सामने
सूत्रों की मानें तो मास्टरमाइंड लविश चौधरी उनके भारतीय एजेंट्स नवाब हसन, हरिंदर पाल सिंह के नेटवर्क में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली से जो लोग शामिल थे या फिर प्राइवेट बैंक के लोन डिपार्टमेंट में काम करते थे, उनमें सक्सेना, भूषण, सतिंदर, दिलराज, अमरिंदर सिंह, रितेश, कपिल और नितिश के नाम सामने आये हैं। ईडी चंडीगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों से जुड़े सबूत सामने आये हैं, वह इसकी जांच कर रहे हैं, जल्द ही इस केस में नई गिरफ्तारी होंगी।
पीड़ित पुलिस को जरूर शिकायत करें
ईडी चंडीगढ़ के अधिकारियों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला मामले में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, गुजरात, दिल्ली व अन्य राज्यों के लोगों से यह अपील की है कि वह उनके साथ हुए घोटाले की पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करवायें और उस एफआईआर की कॉपी वह ईडी चंडीगढ़ को भी इस केस में जांच को आगे बढ़ाने के लिए भी मुहैया करा सकते हैं। जिससे इस घोटाला के नेटवर्क में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की जा सके।