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पिंजौर-कालका में हाउसिंग प्रोजेक्ट, वन विभाग का अड़ंगा

Wed, 27 May 2015 11:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 27 May 2015 11:12 AM IST
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forest department deny approval of huda projects in pinjore

हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) ने पंचकूला जिले के पिंजौर-कालका क्षेत्र में सेक्टर 27, 28 और 30 के लिए प्लाटिंग करते हुए जरूरी ढांचा तो खड़ा कर दिया है, लेकिन हुडा के इस प्रोजेक्ट को वन मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है।

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जाहिर है सेक्टर बसने के बाद अगर वन मंत्रालय ही कहीं नींद से जागा, तो इस क्षेत्र में मकान बनाने वालों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। खास बात यह भी है कि हुडा ने करीब छह माह पहले इन सेक्टरों के लिए प्लाटों की बिक्री का विज्ञापन निकाला था। अब इन सेक्टरों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करने के लिए टेंडर निकालने की तैयारी की जा रही है। यह खुलासा आरटीआई के तहत हासिल जानकारी से हुआ है।
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आरआईटी के तहत हुडा से उक्त अर्बन कांप्लेक्स में जारी निर्माण की गतिविधियों के बारे में जानकारी मांगी थी। हुडा डिवीजन नंबर दो के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने अपने जवाब में कहा है कि पिंजौर-कालका अर्बन काम्प्लेक्स के सेक्टर 27, 28 व 30 में निर्माण गतिविधिओं के लिए केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से अभी तक कोई एनओसी नहीं ली गई है।
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उल्लेखनीय है कि पिंजौर कालका अर्बन काम्प्लेक्स के उक्त क्षेत्र में हरियाणा वन विभाग की 1993 की अधिसूचना के अनुसार गत 30 वर्षों से पंजाब भूसंरक्षण अधिनियम-1900 की धारा 4 लागू है। इसके साथ ही क्षेत्र में कंजरवेशन एक्ट-1980 और भारतीय वन अधिनियम 1927 भी लागू है।

हाईकोर्ट के दो आदेशों का उल्लंघन

forest department deny approval of huda projects in pinjore

हुडा की ओर से पिंजौर-कालका क्षेत्र में जारी गतिविधियों को वन नियमों का उल्लंघन बताते हुए शिवालिक विकास मंच की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।

सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि हुडा पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स के सेक्टर 27, 28 व 30 में निर्माण गतिविधियों का संचालन केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से एनओसी हासिल करने के बाद ही कर सकता है।

इस आदेश के बाद विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल की सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका 2013 में दाखिल की, जिस पर सात अगस्त, 2013 को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को ही दोहरा दिया।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पर्यावरण की सुरक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। यह दोनों आदेश आने के बाद भी हुडा ने नियमों की परवाह न करते हुए सेक्टर 27, 28 व 30 बसाने शुरू कर दिए हैं।

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