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अकांक्ष मर्डर केस में नया खुलासा, फोरेंसिक एक्सपर्ट बोले- पुलिस के दस्तावेजों में हुई कांट-छांट
Wed, 22 May 2019 01:29 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 22 May 2019 01:29 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन के मर्डर केस में फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अदालत में चौंकाने वाला बयान दिया है। कहा गया है कि पुलिस के अधिकारिक दस्तावेज में कांट-छांट की गई है। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को क्रास एग्जामिनेशन के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञ डा. आनंद ने बताया कि पुलिस ने अपने दस्तावेज में समय के लिए एक खाली स्थान छोड़ दिया था।
बाद में उस स्थान को नीली स्याही से भर दिया गया। साथ ही समय का भी उल्लेख 3.30 बजे लिख दिया गया था। कार्बन कापी से साफ पता चलता है कि संपूर्ण दस्तावेज काले और सफेद रंग में हैं, लेकिन बाद में समय लिखने के लिए नीली स्याही का इस्तेमाल किया गया है। यह दस्तावेज के साथ धोखाधड़ी है। दूसरी तरफ हरमेहताब ने जमानत याचिका भी दायर की है। दोनों मामले की सुनवाई अब 24 मई को होगी।
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बाद में उस स्थान को नीली स्याही से भर दिया गया। साथ ही समय का भी उल्लेख 3.30 बजे लिख दिया गया था। कार्बन कापी से साफ पता चलता है कि संपूर्ण दस्तावेज काले और सफेद रंग में हैं, लेकिन बाद में समय लिखने के लिए नीली स्याही का इस्तेमाल किया गया है। यह दस्तावेज के साथ धोखाधड़ी है। दूसरी तरफ हरमेहताब ने जमानत याचिका भी दायर की है। दोनों मामले की सुनवाई अब 24 मई को होगी।
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ये है मामला
अकांक्ष की हत्या फरवरी 2017 में सेक्टर नौ में बीएमडल्ब्यू कार से कुचलकर कर की गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था।
इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। शिकायत के अनुसार, बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया।
इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। शिकायत के अनुसार, बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया।