गीता जयंती महोत्सवः विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और बाबा रामदेव भी पहुंचे...नहीं आ पाए प्रणव मुखर्जी
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि विश्व कल्याण के लिए प्रत्येक युवा को पवित्र ग्रंथ गीता का संदेशवाहक बनना होगा। इसके लिए प्रत्येक युवा को गीता में जीना होगा और प्रत्येक दिन कम से कम पवित्र ग्रंथ गीता के 2 श्लोकों को अपने जीवन में धारण करना होगा। कुरुक्षेत्र की इस पावन धरा पर तीसरी बार 18 हजार विद्यार्थियों ने पवित्र ग्रंथ गीता के 18 अध्यायों के 18 श्लोकों का सामूहिक उच्चारण और अनुवाद कर एक बार फिर से नया इतिहास रचा है। इन विद्यार्थियों ने पूरे समाज को कर्म, ज्ञान, भक्ति योग के मार्ग पर चलने का संदेश दिया है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान थीम पार्क में आयोजित वैश्विक गीता पाठ कार्यक्रम में मुख्यातिथि थीं। इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, ओडिशा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, योग गुरु स्वामी रामदेव, सुधांशु महाराज, चिदानंद मुनि महाराज, आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, स्वदेशी मंच के राष्ट्रीय संयोजक कश्मीरी लाल, बाबा भूपेन्द्र सिंह, विधायक सुभाष सुधा, विधायक लतिका शर्मा, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, कुलपति डॉ. कैलाश चंद शर्मा ने मंत्रोच्चारण और शंखनाद की गूंज तथा गीता पूजन के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व स्वामी ज्ञानानंद ने 700 श्लोकों को कंठस्थ करने वाले पानीपत के छात्र हर्षवर्धन जैन को सम्मानित किया। इस विद्यार्थी को बाबा रामदेव की तरफ से 20 हजार रुपये की राशि से भी सम्मानित किया जाएगा। ओडिशा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता नौजवानों, बुजुर्गो और सैनिकों के लिए प्रेरणादायक हैं।
इस ग्रंथ का अनुसरण करते हुए हमेशा स्वार्थो को भूलकर नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने की जरूरत हैं। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने सभी को कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाई दी। योग गुरु स्वामी रामदेव ने भारत मां और वंदे मातरम के उदघोषों से अपना सम्बोधन शुरु करते हुए कहा कि इस गौरवशाली धरती पर भारत मां और गीता माता का गौरव बढ़ाने के लिए सभी को कर्म करना होगा।
सभी शास्त्रों का सार भी कर्म करने का ही है। उन्होंने कहा कि पतंजलि योग पीठ की तरफ से गीता के श्लोकों को कंठस्थ करने वाले व्यक्ति को 20 हजार रुपये और कुल वेदों के ज्ञाता को 2 लाख रुपये का ईनाम दिया जाएगा। सुधांशु जी महाराज ने कहा कि पूरे संसार में केवल एक पवित्र ग्रंथ गीता है दूसरा कोई नहीं है, यह एक महान ग्रंथ है, इस ग्रंथ में कायरता को वीरता, अधर्म को धर्म का रास्ता दिखाने का काम करता है। स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन एक अद्भुत कार्य है, इस कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम न समझ कर संस्कारित कार्यक्रम मानना चाहिए। इस कार्यक्रम का संचालन आरएसएस के सहविभाग कार्यवाहा डॉ. प्रीतम सिंह ने किया।
18 का संयोग
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के थीम पार्क में 18 हजार विद्यार्थियों ने किया। गीता के 18 अध्याय, महाभारत के 18 दिन, 18 सेनापति और 18 दिसंबर 2018 का एक संयोग बन रहा है।
दूसरी बार गीता महोत्सव में नहीं पहुंच सके प्रणव मुखर्जी
6 दिसंबर 2016 को पहली बार गीता महोत्सव में राष्ट्रपति पद रहते हुए प्रणव मुखर्जी मुख्यातिथि बने थे। लेकिन उसी दिन जयललिता निधन के कारण उनका यह प्रोग्राम ऐन टाइम पर रद्द हो गया था। इस बार पूर्व राष्ट्रपति के रूप में वैश्विक गीता पाठ कार्यक्रम में उन्हें शिरकत करनी थी। लेकिन इस बार भी उनका प्रोग्राम रद्द हो गया।
सुषमा ने ज्ञान संस्थानम में गीता संग्रहालय की आधारशिला
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गीता ज्ञान संस्थानम में गीता संग्रहालय की आधारशिला रखी। इससे पहले केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, ओडिशा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, योग गुरु स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद मुनि विधायक सुभाष सुधा ने मंत्रोच्चारण के बीच गीता ज्ञान संस्थानम में गीता संग्रहालय की नींव की पहली ईंट रखी।
अफगानिस्तानी कलाकारों ने हरियाणवी लोक परिधानों में की रैंपवॉक
हरियाणवी पंडाल में पांचवें दिन सांस्कृतिक संध्या में अफगानिस्तान के कलाकारों ने हरियाणवी लोक परिधानों में रैंप पर जलवा बिखेरा। फैशन शो में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में हरियाणवी लोक परिधानों का पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने प्रदर्शन किया।
जींद की भाई-बहन की जोड़ी ने हरियाणवी संस्कृति को समर्पित किया जीवन
जींद के भाई-बहन की जोड़ी (रेणु दूहन व पवनराज) ने अपना जीवन हरियाणवी संस्कृति को समर्पित कर दिया है। इन दिनों ये अपने ग्रुप के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में हरियाणवी संस्कृति के अनूठे रंग बिखेर रहे हैं। पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इनकी मुख्य रूप से प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।