फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Foreign accused denied relief in five-year-old heroin smuggling case; bail plea rejected.

Chandigarh News: पांच साल पुराने हेरोइन तस्करी मामले में विदेशी आरोपी को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

Sun, 14 Jun 2026 02:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:17 AM IST
विज्ञापन
Foreign accused denied relief in five-year-old heroin smuggling case; bail plea rejected.
चंडीगढ़। जिला अदालत ने हेरोइन तस्करी के पांच वर्ष पुराने मामले में नाइजीरियाई नागरिक चुक्स की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि आरोपी पहले भी न्यायिक प्रक्रिया से बचता रहा है और लंबे समय तक फरार रहने का रिकॉर्ड उसके खिलाफ जाता है। ऐसे में उसे दोबारा जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा।
विज्ञापन


मामला 27 अक्टूबर 2021 को इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस द्वारा दर्ज एनडीपीएस एक्ट की एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, ट्रिब्यून चौक के निकट इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की ओर जाने वाली स्लिप रोड पर आरोपी को संदिग्ध हालत में रोका गया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 272 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी, जो व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में आती है।
विज्ञापन


जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान आरोपी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ गया। लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया और सुनवाई के दौरान फरार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार साल तक पुलिस और अदालत से बचता रहा

अदालत की ओर से कई बार समन और नोटिस जारी किए गए, लेकिन आरोपी पेश नहीं हुआ। इसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। करीब चार वर्षों तक वह पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया से बचता रहा। आखिरकार 12 मार्च 2026 को पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।

मुकदमा अंतिम चरण में, केवल एक अहम गवाह बाकी

गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने नियमित जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि मामला अंतिम चरण में है। अधिकांश गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और केवल एक महत्वपूर्ण गवाह की गवाही शेष है। ऐसे में आरोपी को जमानत दिए जाने से मुकदमे की सुनवाई प्रभावित हो सकती है।

वीजा भी समाप्त, अदालत ने माना जोखिम

सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी का वीजा काफी समय पहले समाप्त हो चुका है और उसके पास भारत में रहने की कोई वैध अनुमति नहीं है। अदालत ने इसे भी गंभीरता से लेते हुए कहा कि एक विदेशी नागरिक, जो पहले जमानत मिलने के बाद फरार हो चुका है, उसके दोबारा न्यायिक प्रक्रिया से बचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


इन सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी को जमानत देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता। इसके चलते उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed